19 November Class 10th Sanskrit Question Paper Sent Up Exam 2025

19 November Class 10th Sanskrit Question Paper Sent Up Exam 2025

Bihar Board  Class 10th 
Sent-Up  Exam 2025
Subject  Sanskrit
Exam Date  19.11.2025
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Bihar Board 10th Sent Up Exam November 2025

जितने भी छात्र-छात्राएं 10th की वार्षिक परीक्षा 2026 में सम्मिलित होने जा रहे हैं। उसे पहले उनको नवंबर महीने सेंट अप परीक्षा देना होगा। 

 

प्रश्न पत्र कहां से आएगा ?

कक्षा 10वीं के सेंट अप परीक्षा 2025 का प्रश्न पत्र में 100% पुरे सिलेबस से प्रश्न रहेगा |

 

कॉपी का जांच कहां होगा ?

मैट्रिक के सेंट अप परीक्षा के कॉपी का मूल्यांकन आपके विद्यालय के स्तर पर ही होगा।

 

 

सेंट अप परीक्षा 2025-EXAM CENTER

इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।

 

Class 10th Admit Card Sent Up Exam 2025

इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। क्योंकि यह आपके विद्यालय के स्तर पर आयोजित होने वाला सेंट अप जांच परीक्षा है।

 

 

 

सेंट अप परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा ?

बोर्ड ने साफ सुथरे शब्दों में सभी विद्यालय को निर्देश दिया हैं, यदि कोई छात्र/छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे तो उनको किसी भी परिस्थिति में फाइनल परीक्षा में भाग नहीं ले सकते हैं 

 

क्या सेंट अप परीक्षा के कॉपी Check होता हैं?

जी हां, जब आपकी परीक्षा सम्पन्न हो जाती हैं, तब आपके कॉपी को आपके विद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा चेक की जाती हैं। तथा इसका फाइनल रिजल्ट बोर्ड ऑफिस को भेजा भी जाता हैं।

 

सेंट अप परीक्षा का महत्व

यदि आप भी कक्षा 10वी की सेंट अप परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है सेंट अप परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश तथा वार्षिक परीक्षा से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी दिक्कत है वह उसको सुधार सके इसलिए सेंट अप परीक्षा लिया जाता है 

 

Bihar Board – यदि कोई विद्यार्थी Sent-up परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं अथवा अनुत्तीर्ण (FAIL) हो जाते हैं तो वैसे विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा, 2026 में सम्मिलित होने से वंचित हो जाएंगे।

 

Class 10th Sanskrit Objective Answer Key 2025

1.D 11.D 21.C 31.C 41.C
2.C 12.C 22.A 32.D 42.B
3.B 13.C 23.C 33.A 43.B
4.B 14.A 24.D 34.A 44.D
5.D 15.C 25.C 35.C 45.A
6.A 16.A 26.A 36.C 46.D
7.D 17.A 27.A 37.A 47.C
8.C 18.B 28.A 38.B 48.B
9.B 19.A 29.A 39.C 49.A
10.A 20.A 30.A 40.C 50.A

Download Subjective Question 

5.(क) उपनिषद में किसका वर्णन है ?

उत्तर _उपनिषद में मुख्य रूप से आत्मा, ब्रह्म, और जीवन के गूढ़ दार्शनिक रहस्यों का वर्णन है। इनमें आत्मा और ब्रह्म की एकता पर जोर दिया गया है, जिसके अनुसार आत्मा ब्रह्म का ही एक अंश है, और ज्ञान के माध्यम से इस सत्य को जानकर मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। 

 

 

(ख) छः प्रकार के दोष कौन-कौन हैं? पठित पाठ के आधार पर लिखें

उत्तर _पठित पाठ के आधार पर छः दोष ईर्ष्या, घृणा, क्रोध, असंतोष, दूसरों पर शक करना और दूसरों पर निर्भर रहना हैं, जिन्हें विदुर नीति के अनुसार एक व्यक्ति को सुखी नहीं रहने देते हैं। 

 

 

 

 

(घ) विद्यापति कौन थे ? उन्होंने किस ग्रन्थ की रचना की ?

उत्तर _विद्यापति 14वीं-15वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध मैथिली कवि थे, जिन्हें ‘मैथिल कोकिल’ भी कहा जाता है। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की, जिनमें से ‘पदावली’ सबसे प्रसिद्ध है, जो राधा-कृष्ण के प्रेम पर आधारित है। इसके अलावा, उन्होंने ‘कीर्तिलता’ और ‘कीर्तिपताका’ जैसी रचनाएँ भी अवहट्ट भाषा में कीं

 

 

(ङ) अलसशाला में आग लगने पर क्या हुआ 

उत्तर _यह सवाल संस्कृत पाठ ‘अलसकथा’ के संदर्भ में है, जिसका अर्थ है कि आग लगने के बाद क्या हुआ, और इसका जवाब यह है कि सभी धूर्त और कृत्रिम आलसी लोग भाग गए, लेकिन चार आलसी लोग सोए रह गए। 

 

 

 

 

(च) रामप्रवेश राम के जीवन से क्या शिक्षा मिलती है ?

उत्तर _रामप्रवेश ने उद्योगिन पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी: कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है। इस पाठ से यह शिक्षा मिलती है कि दृढ निश्चय एवं कठिन परिश्रम से सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है, मनुष्य के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है

 

 

 

(छ) ‘व्याघ्रपथिककथा’ पाठ कहाँ से लिया गया है ? इसके लेखक

उत्तर _व्याघ्रपथिककथा’ पाठ हितोपदेश ग्रंथ से लिया गया है, जिसके लेखक नारायण पंडित हैं। यह कथा हमें लालच के कारण मूर्खतापूर्ण निर्णय न लेने और दुष्टों की बातों पर विश्वास न करने की शिक्षा देती है, क्योंकि लालच में आकर पथिक बूढ़े बाघ के जाल में फंस जाता है। 

 

 

(ज) ‘कर्णस्य दानवीरता’ पाठ के आधार पर दान की महत्ता को ..

उत्तर _कर्णस्य दानवीरता’ पाठ के अनुसार, दान ही मनुष्य का सबसे बड़ा और एकमात्र स्थायी गुण है, क्योंकि शिक्षा, वृक्ष और जलाशय समय के साथ समाप्त हो सकते हैं, लेकिन दान स्थायी रहता है। यह पाठ दान के महत्व पर ज़ोर देता है और दानवीरता को एक सर्वोच्च गुण मानता है

 

(झ) भारतीय दर्शनशास्त्र के प्रवर्तकों के नाम लिखें ।

उत्तर _भारतीय दर्शन के प्रवर्तकों के नाम हैं: कपिल (सांख्य), गौतम (न्याय), कणाद (वैशेषिक), पतंजलि (योग), जैमिनि (मीमांसा) और बादरायण (वेदान्त)। 

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