17 February Class 10th Hindi Viral Question Paper 2026

17 February Class 10th Hindi Viral Question Paper 2026

Subject  Hindi 
Exam Date  17.2.2026
Bihar Board  Annual Exam 2026
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Bihar Board class 10 Hindi Subjective Question 2026

 

1. जातिप्रथा भारत के बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण कैसे बनी हुई है?

उत्तर – भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ में लिखा है कि जाति प्रथा पेशे का दोषपूर्ण पूर्व निर्धारित ही नहीं करती बल्कि मनुष्य को जीवनभर के लिए एक पेशों में बाँध भी देती है। भले ही पेशा अनुपयुक्त या अपर्याप्त होने के कारण वह भूखों मर जाए। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी मनुष्य को अपना पेशा बदलने की स्वतंत्रता न हो तो भूखे मरने के अलावा क्या रह जाता है। इस प्रकार पेशा परिवर्तन की अनुमति न देकर जाति प्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख व प्रत्यक्ष कारण बनी हुई है।

 

2. भारतीय समाज में जाति श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती?

उत्तर- भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ शीर्षक निबंध में भारत में व्याप्त जाति प्रथा की निंदा की है। जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप नहीं कही जा सकती है। यह मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है। यह प्रथा पेशे की स्वतंत्रता का गला घोंट देती है। यह एक दूषित प्रथा हो गयी है। स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व का यह प्रथा हनन करती है।

 

3.खोखा किन मामलों में अपवाद था ? 

उत्तरः-सेन साहब का बेटा काशु (खोखा) घर में बनाए गए नियम के मामलों में अपवाद था। वह हमेशा अपने मन के अनुसार ही कार्य करता था पर लड़कियों को ऐसी आजादी नहीं थी।

 

4. विष के दाँत कहानी का नायक कौन है? तर्क पूर्ण उत्तर दें।

उत्तर-आचार्य नलिन विलोचन शर्मा की कहानी ‘विष के दाँत’ का नायक मदन है। काशू इस कहानी का मुख्य पात्र है जो कहानी के आरंभ से अंत तक छाया रहता है। वह जीवन के नियमों का अपवाद था। उसे अपने पिता की अमीरी का घमंड था। मदन एक गरीब किन्तु निर्भीक और जीवट प्रवृत्ति का लड़का है। वह आत्म सम्मान प्रिय बालक है, इसी कारण वह ड्राइवर की बातों का प्रतिरोध करता है। मदन ही काशू के घमंड रूपी विष के दाँत को तोड़ता है

 

5.बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था 

उत्तर:-एक बार बहादुर ने अपनी माँ की प्यारी भैंस को बहुत मारा। माँ ने भैंस की मार का काल्पनिक अनुमान करके एक डंडे से उसकी दुगुनी पिटाई की। लड़के का मन माँ से फट गया और वह चुपके से 2 रुपया लिया और घर से भाग गया।

 

6. लेखक अमरकांत को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया है?अथवा, किन कारणों से बहादुर ने एक दिन लेखक का घर छोड़ दिया? ‘बहादुर’ शीर्षक कहानी के अनुसार लिखें।

उत्तर-एक दिन लेखक के घर आए रिश्तेदार ने बहादुर पर रुपये चोरी का आरोप लगा देता है। गलत आरोप के कारण बहादुर इनकार कर दिया फिर भी उसे डराया-धमकाया और पीटा जाता है। इस घटना के बाद बहादुर काफी डाँट-मार खाने लगा। घर के सभी लोग कुत्ते की तरह दुरदुराया करते। किशोर तो जैसे उसकी जान के पीछे पड़ गया था। ईमानदार बहादुर को इस घटना पर अत्यन्त क्षोभ होता है और वह लेखक का घर छोड़कर चला जाता है।

 

7. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को क्यों मानते थे?

उत्तर-पिता जी के निधन के बाद बिरजू महाराज को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ा हाथ उनकी माँ का था। जब भी अम्मा नाच देखती थी तो बिरजू महाराज पूछते थे कि कही गलत तो नहीं कर रहा हूँ? बाबू जी वाला ढंग है या नहीं। कहीं गड़बड़ी तो नहीं हो रही। तब अम्मा बताती थी, तुम अपने बाबू जी की तस्वीर हो। इस प्रकार अम्मा इनका उत्साहवर्द्धन करते रहती थी। इसलिए बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को मानते थे 

 

8. मछली और दीदी में क्या समानता दिखलाई पड़ी? स्पष्ट करें।

उत्तर-आदमी के चपेट में आने पर मछली कटने के लिए मजबूर थी। पानी नहीं रहने के कारण गमछे में लिपटी मछली लहरा रही थी। दीदी कमरे में करवट लिए पहनी हुई साड़ी को सिर से ओढ़े सिसक-सिसक कर रो रही थी। हिचकी लेते हुए दीदी का पूरा शरीर सिहर रहा था। 

 

9. शिक्षा का ध्येय गाँधीजी क्या मानते थे और क्यों? [2012A, 2022AII]

उत्तर-शिक्षा का ध्येय गाँधीजी चरित्र-निर्माण को मानते हैं। यह साक्षरता से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, किताबी ज्ञान तो उस बड़े उद्देश्य का एक साधन मात्र है।

गाँधीजी का मानना है कि अगर हम व्यक्ति चरित्र निर्माण करने में सफल हो जाएँगे तो समाज अपना काम आप संभाल लेगा। इस प्रकार जिन व्यक्तियों का विकास हो जाएगा, उनके हाथों में समाज के संगठन का काम सौंपा जा सकता है।

 

10. गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं? ‘शिक्षा और संस्कृति’ पाठ के अनुसार लिखें।

उत्तर- अहिंसक प्रतिरोध को गाँधीजी सबसे उदात्त और बढ़िया शिक्षा कहते हैं। उनके अनुस यह शिक्षा बच्चों को मिलनेवाली साधारण अक्षर-ज्ञान की शिक्षा के बाद नहीं पहल होनी चाहिए।

 

11. कवि किसके बिना जगत् में जन्म व्यर्थ मानता है?

उत्तर-निर्गुण ब्रह्म उपासक गुरु नानक ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ शीर्षक कविता में राम नाम की महिमा का बखान करते हुए कहते हैं कि ईश्वर की महिमा अपरमपार है। नाम-कीर्तन से बढ़कर कोई धर्म साधना नहीं है। इसलिए राम नाम के बिना जगत् में मनुष्य जन्म व्यर्थ है। राम नाम लेने से ही ईश्वर एवं ईश्वरत्व की प्राप्ति होती है।

 

12. कृष्ण को चोर क्यों कहा गया है? कवि का अभिप्राय स्पष्ट करें।

[2015A11,2022AI]

उत्तर-कवि रसखान कृष्ण और राधा के सुंदर और मोहक छवि का बखान करते हुए कहते हैं कि उनके मनमोहक छवि को देखकर मन पूर्णतः मनमुग्ध हो गया है। यह लगता है कि यह शरीर मन और चित्त रहित हो गया है। अब उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं देता केवल कृष्ण ही उनके स्मृति पटल पर अंकित रहते हैं। इसलिए चित को हरने वाले कृष्ण को चोर कहा गया है।

 

13.कवि अपने आँसुओं को कहाँ पहुँचाना चाहता है और क्यों 

उत्तरः- कवि अपनी प्रेमिका सुजान के लिए विरह-वेदना को प्रकट करते हुए बादल से अपने प्रेम रूपी आँसुओं को पहुंचाने के लिए कहता है। वह अपने आँसुओं को सुजान के आँगन में पहुँचाना चाहता। है, क्योंकि वह उसकी याद में पीड़ित है और अपनी व्यथा के आँसुओं से प्रेमिका को भिगो देना चाहता है।

 

14. छायाएँ दिशाहीन सब ओर क्यों पड़ती हैं? स्पष्ट करें।

[2012C, 2014AII,2021BM]

उत्तर-परमाणु बम के विस्फोट से जो अग्नि पैदा होती है उसका प्रकाश अनंत होता है। धरती के मनुष्य जल जाते हैं। कोई नहीं बचता है। मनुष्य की कोई छाया बनती नहीं या बनती है तो वह दिशाहीन होती है। मनुष्य भाप बन जाता है। हाँ, प्राकृतिक सूर्य के उगने से छायाएँ बनती है। उनकी दिशा और लम्बाई होती है।

 

15. कवि जीवनानंद दास किस तरह के बंगाल में एक दिन लौटकर आने की बात करते हैं?

उत्तर-कवि जीवनानंद दास को अपनी मातृभूमि से असीम प्रेम है। उनकी उत्कट, इच्छा मातृभूमि पर पुनर्जन्म की है। वे कवि बंगाल के उस अनुपम, सुशोभित एवं रमरणीय धरती पर एक दिन लौटकर आने की बात करते हैं जहाँ धान के खेत हो, जहाँ बहती नदी का किनारा हो और जहाँ भोर की सुनहली किरणे हों।

 

 

16.कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था ? 

उत्तरः- कवि एक वृक्ष के बहाने प्राचीन सभ्यता, संस्कति एवं पर्यावरण की रक्षा की चर्चा की है। वृक्ष मनुष्यता, पर्यावरण एवं सभ्यता की प्रहरी है। यह प्राचीनकाल से मानव के लिए वरदानस्वरूप है, इसका पोषक है, रक्षक है। इन्हीं बातों का चिंतन करते हुए कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार लगता था

 

 

17. मैक्समूलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन कहाँ हो सकते हैं और क्यों?

उत्तर—मैक्समूलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई जैसे शहरों में नहीं, भारत के गाँवों में हो सकते हैं, क्योंकि इसकी सर्वाधिक आबादी

गाँवों में बसती है। वहीं हार्दिक संपन्नता और आर्थिक विपन्नता है। धर्म और इतिहास के अवशेष वहीं सुरक्षित हैं।

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