20 February 10th Science Question Paper 2026

20 February 10th Science Question Paper 2026

Subject  Science 
Exam Date  21.2.2026
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बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 के मुख्य जानकारीः

•परीक्षा तिथियांः 17 फरवरी से 25 फरवरी तक दो पाली में होगी परीक्षा 

•परीक्षा केंद्रः राज्य भर में 1,699 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

•परीक्षा का समयः प्रथम पालीः 09:30 बजे सुबह – 12:45 बजे दोपहर।

•द्वितीय पाली: 02:00 बजे दोपहर 05:15 बजे शाम ।

परीक्षा पैटर्न: परीक्षा में 100 अंक (सैद्धांतिक) के पेपर होंगे, जिसमें 50% वस्तुनिष्ठ (Objective) और 50% वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। 100 प्रश्नों में से केवल 50 प्रश्नों का उत्तर देना होगा।

Bihar Board Class 10th Science Subjective Question Answer 

1.प्रकाश के परावर्तन क्या नियमों को लिखे 

उत्तर-प्रकाश की किरणें जब किसी चिकने सतह पर पड़ती हैं तो परावर्तित हो जाती हैं। यह घटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।

प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं- 

1.आपतित किरण, परावर्तित किरण और आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब सभी एक ही तल में होते हैं। 

2.आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है 

 

2.प्रकाश के अपवर्तन क्या नियमों को लिखे 

उत्तर _जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम (अलग-अलग प्रकाशीय घनत्व वाले) में तिरछा होकर जाता है, तो वह अपने रास्ते से विचलित हो जाता है, इसी को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

प्रकाश के अपवर्तन के नियम :VVI

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिन्दु से खींचा गया अभिलंब तीनों एक ही तल में होते हैं।

(ii) आपतन कोण की ज्या और अपवर्तन कोण की ज्या की निष्पत्ति एक स्थिर अंक होता है।

sini/sinr = स्थिरांक इस स्थिरांक को पहले माध्यम की सापेक्ष दूसरे माध्यम का अपवर्तनांक कहा जाता है। अपवर्तन के दूसरे नियम को स्नेल का नियम भी कहा जाता है।

 

3. अवतल दर्पण के कोई तीन उपयोग लिखें।

उत्तर-अवतल दर्पण के उपयोग :

(1) हजामत बनाने में बड़े-बड़े सैलूनों में अवतल दर्पण का उपयोग होता है।

(ii) अवतल दर्पण के उपयोग से डॉक्टर आँख, नाक तथा गले का निरीक्षण करते हैं।

(iii) मोटरगाड़ी के अग्रदीपों में परावर्तक सतह के रूप में।

4.सौर कुकर का सचित्र वर्णन करें।: 

उत्तर: सौर कुकर एक उपकरण है जो सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके भोजन पकाने के लिए किया जाता है। इसमें एक परावर्तक सतह  (जैसे दर्पण) होती है जो सूर्य की किरणों को एक ऊष्मा-रोधी बॉक्स में केंद्रित करती है। बॉक्स के अंदर खाना पकाने के लिए रखा जाता है  और इसे एक कांच के ढक्कन से ढक दिया जाता है।

5. अवतल दर्पण का उपयोग सोलर कुकर में क्यों किया जाता है?VVI

उतर- जब प्रकाश की किरणों को प्रधान अक्ष के समानांतर भेजा जाता है तो परावर्तन के बाद फोकस पर जमा हो जाती है इस गुण के कारण ही अवतल दर्पण का उपयोग सोलर कुकर में किया जाता है।

6. गाड़ियों के हेड लाइट में अवतल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?VVI

उतर- जब प्रकाश की किरण को फोकस से भेजा जाता है। तो वह प्रधान अक्स के समानांतर हो जाती है इस गुण के कारण अवतल दर्पण का उपयोग गाड़ियों के हेडलाइट में किया जाता है।

7.अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण में अंतर स्पष्ट करेंVVI

(i) उत्तल दर्पण का परावर्तक सतह बाहर की ओर वक्रित होता है।

(i)अवतल दर्पण का परावर्तक सतह भीतर की ओर वक्रित होता है।

(ii) उत्तल दर्पण का दृष्टि क्षेत्र काफी बड़ा होता है।

(ii)इसका दृष्टि क्षेत्र उत्तल दर्पण की तुलना में काफी कम होता है।

(iii) उत्तल दर्पण में वस्तु का हमेशा आभासी प्रतिविम्व बनता है।

(iii)इसमें वस्तु का आभासी और वास्तविक दोनों प्रकार का प्रत्तिबिम्ब बनता है

(iv) यह दर्पण वाहनों में साइड मिरर का काम करता है।

(iv)यह दर्पण वाहनों के अग्रदीप में उपयोगी है।

(v) उत्तल दर्पण का फोकस धनात्मक होता है

(v)अवतल दर्पण का फोकस ऋणात्मक होता है ? 

 

8. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दें।

उत्तर—वह प्रक्रिया जिसमें कोई अम्ल किसी भस्म के साथ अभिक्रिया 

करके लवण और जल बनाता है, उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।

– उदाहरण—अम्ल + भस्म →लवण + जल

HCl + NaOH → NaCl + H2O

 

9.समतल दर्पण के दो उपयोग-

(i) सोलर कुकर में परावर्तक सतह के रूप में।

(ii) चेहरा देखने में।

 

10.श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं

उत्तर_श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा (गर्मी) उत्पन्न होती है। जब हम सांस लेते हैं, तो ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाता है, और इस प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है, जो एटीपी (ATP) के रूप में जमा होती है, जिसे शरीर विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग करता है. 

 

11. गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नयी कार्तीय चिन्ह परिपाटी दर्शायें।

उत्तर-(i) बिम्ब सदैव दर्पण के बायीं ओर रखा जाता है। इसका अर्थ है कि दर्पण पर बिम्ब से प्रकाश बाईं ओर से आपतित होता है।

(ii) मुख्य अक्ष के समांतर सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती हैं।

(iii) मूल बिंदु के दाईं ओर (+X-अक्ष के अनुदिश) मापी गई सभी दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं जबकि मूल बिन्दु के बाईं ओर (-X-अक्ष के अनुदिश) मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती हैं

 

12. उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यों कहा जाता है?

उत्तर-उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहा जाता है यानी अक्ष के समानांतर चलने वाली सभी आपतित किरणें लेंस से अपवर्तित होकर मुख्य अक्ष के एक बिंदु (F) पर संसृत होती हैं। अतः उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस कहा जाता है

 

13. अवतल लेंस को अपसारी लेंस क्यों कहा जाता है?

उत्तर-अवतल लेंस के द्वारा समांतर प्रकाश की किरणें आपतन के बार अपवर्तित होकर आपस में फैलती जाती हैं। यानी अवतल लेंस प्रकाश के समांता किरणों को अपसरित कर देता है। अवतल लेंस को इसी गुण के कारण अपसारी लेंस कहते हैं।

 

14. अपवर्तनांक को परिभाषित करें। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है।इस कथन का क्या अभिप्राय है?

उत्तर-अपवर्तनांक किसी माध्यम में अपवर्तनांक (1) की परिभाषा निर्वात में प्रकाश (c) और इस माध्यम में प्रकाश की चाल (c) के अनुपात के रूप में दी गई है। हवा में प्रकाश के वेग की अपेक्षा हीरे में प्रकाश का वेग कम होगा। अतः हवा से चलने वाली प्रकाश की किरण हीरा में प्रवेश करने पर अभिलंब की ओर झुक जायेगी।

 

15.विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है

उत्तर_निष्क्रिय गैस भरने से इसका टंगस्टन तंतु नहीं जलता है नाइट्रोजन आर्गन इत्यादि निष्क्रिय गैस हैं निष्क्रिय गैस में तंतु वाष्पीकरण नहीं हो पाता है इसलिए विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस भरी जाती है

 

16.वियोजन अभिक्रिया किसे कहते हैं

उत्तर_वैसे रासायनिक अभिक्रिया जिसमे एक अभिकारक टूट कर दो या दो से अधिक उत्पाद में बदल जाता है उसे वियोजन  अभिक्रिया कहते हैं

17.नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?

उत्तर-नेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित कर लेता है, समंजन क्षमता कहलाती है। इसी के कारण नेत्र अल्पतम दूरी और दूर-बिंदु को नियोजित कर पाता है। सामान्य अवस्था में नेत्र की समंजन क्षमता 4 डायोप्टर होती है।

 

18.तारे क्यों टिमटिमाते हैं?

उत्तर- हवा की विभिन्न परतों में तापमान अलग-अलग होता है। इस कारण उसका धनत्व भी कम होता है। इसलिए तारों से आता प्रकाश इन वायु परतों में विभिन्न मात्रा में आवर्तित होता रहता है। अतः इस कारण तारे हमारे नेत्रों में टिमटिमाते प्रतीत होते हैं।

19.विद्युत धारा को परिभाषित कर इसका मान एवं मात्रक लिखें।

उत्तर—इकाई समय में आवेश का प्रवाह विद्युत कहलाती है। 

विद्युत धारा = आवेश/समय 

इसका SI मात्रक एम्पियर (A) है।

 

20. सोडियम को किरोसीन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?

उत्तर— अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण सोडियम धातु खुला रखने पर साधारण ताप पर ही ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर जलने लगती है। अतः यह जल न जाए इससे बचने के लिए इसे किरोसीन तेल में डुबाकर रखा जाता है।

21. किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला क्यों प्रतीत होता है?

उत्तर-अंतरिक्ष यात्री वायुमंडल के ऊपरी सतह पर गतिशील रहता है। इस ऊँचाई पर वायु के कण की अनुपस्थिति रहती है। सूर्य से निकलने वाले प्रकाश (नीला वर्ण) का प्रकीर्णन नहीं हो पाता है। इससे आकाश नीला नहीं दिखता है बल्कि अंतरिक्ष यात्री इसे काला देखता है।

 

22. सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों प्रतीत होता है?

उत्तर-सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य हमसे काफी दूर रहता है। इससे आने वाला प्रकाश वायुमंडल के मोटी परत से होकर दर्शक के नेत्र तक पहुँचता है। इसके रास्ते में पड़ने वाले वायुकणों से सूर्य प्रकाश के पथ के लम्बवत् नीले किरणों का अधिकतम भाग प्रकीर्णित हो जाता है और दर्शक को प्राप्त किरणों में से नीला रंग गायब रहता है। अतः दूर से आने वाले प्रकाश नीले रंग के गायब होने के कारण लाल दीखता है। अतः सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दीखता है।

 

 

23. रेलवे सिग्नल में लाल रंग का प्रयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर-लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सब रंगों से अधिक होता है। अतः लाल रंग के प्रकाश का विचलन सबसे कम होता है। यही कारण है कि रेलवे सिग्नल का प्रकाश लाल रंग का होता है।

 

24. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में एक चालक लूप को घूर्णित करने पर किस प्रकार की धारा चलेगी?

उत्तर- जब एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में एक चालक लूप को धूर्णित करने पर, उसमें प्रत्यावर्ती धारा उत्पन्न होती है।

 

25. फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम लिखें।

उत्तर- “अपनी दाहिने हाथ की तर्जनी मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक दूसरे के परस्पर लम्बवत् हो। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा की ओर संकेत करती है तथा अंगूठा चालक की गति की दिशा के ओर संकेत करता है तो मध्यमा चालक में प्रेरित विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है।”

 

26. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव से संबंधित ‘दक्षिण हस्त-अंगूठा’ के नियम को लिखें।

उत्तर-दक्षिण-हस्त अंगूठा का नियम- जब दाहिने हाथ तर्जनी अंगुली मध्यमिका अंगुली और अंगूठा इस प्रकार फैलाकर रखा जाता है कि तीन अंगुलियाँ एक दूसरे के साथ लम्बवत् हो, अगर तर्जनी अंगुली चुंबकीय बल की दिशा की ओर, अंगूठा चुंबक की गति की दिशा की ओर इंगित करे तो मध्यमिका अंगुली प्रेरित धारा की दिशा को इंगित करेगा।

 

 

27. ‘लघुपथन’ से आप क्या समझते हैं?

उत्तर-कभी-कभी विद्युत परिपथ में गर्म तार और ठंढे तार आपस में सट जाते हैं। जिससे परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है तथा परिपथ में विद्युत धारा की प्रबलता काफी बढ़ जाती है। परिणाम यह होता है कि परिपथ से जुड़े उपकरण काफी गर्म होकर नष्ट हो जाते हैं। परिपथ में इस प्रकार की घटना को लघुपथन कहते हैं।

 

28. विद्युत परिपथ में फ्यूज तार क्यों लगाए जाते हैं?

उत्तर- घर में लगे साधित्रों की सुरक्षा के लिए फ्यूज तार लगाया जाता है। यह उच्च विद्युत धारा के कारण तार गल कर परिपथ को भंग करता है और साधित्रों (रेडियो, टीवी, बल्ब आदि) को जलने से बचाता है।

 

29. विद्युत फ्यूज क्या है, यह किस मिश्र धातु का बना होता है?

उत्तर – विद्युत परिपथों के लिए फ्यूज तार का उपयोग होता है। यह अतिभारण अथवा लघुपथन के कारण उत्पन्न उच्च विद्युत धारा के बहने पर यह गल जाता है तथा सुरक्षा प्रदान करता है। फ्यूज तार ताँबे तथा टिन के मिश्रधातु से बना होता है।

 

30.रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते है

उत्तर– दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक या एक से अधिक नए गुण धर्म वाले पदार्थों का निर्माण करता है तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते है

उदहारण- हाईड्रोजन, ऑक्सीजन से संयोग करके जल (पानी) का निर्माण करता है 

2H2 +O2 →2H2O

 

31. रासायनिक समीकरण किसे कहते है ?

उत्तर- रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अभिकराको एवं उत्पादों को सूत्रों या संकेतो के द्वारा एक समीकरण के रूप में व्यक्त किया जाना, रासायनिक समीकरण कहते है

H2+Cl2 →2HCl

32. संयोजन अभिक्रिया किसे कहते है ?

उत्तर-संयोजन अभिक्रिया- वैसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमे दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पादन का निर्माण करता है तो उसे संयोजन अभिक्रिया कहते है

2Ag + Cl→2Agcl

 

33. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया किसे कहते है ?

उत्तर – वियोजन अभिक्रिया वैसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमे एक अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक उत्पाद में बदल जाता है उसे वियोजन अभिक्रिया कहते है

CaCO3 (s) ऊष्मा CaO(s) + CO2 (g)↑

 

 

34. प्रतिस्थापन अभिक्रिया किसे कहते है ?

उत्तर- प्रतिस्थापन अभिक्रिया-वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमे अधिक अभिक्रियाशील पदार्थ अपने से कम अभिक्रियाशील पदार्थ को विस्थापित कर देता है उसे प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते है

Fe + CuSO4→FeSO4 + Cu

 

35. उदासीनिकरण अभिक्रिया किसे कहते है ?

उत्तर- उदासीनीकरण अभिक्रिया वैसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमे —अम्ल किसी भस्म के साथ अभिक्रिया करके लवण तथा जल का निर्माण करता है उसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते है

Hcl(अम्ल) + NaOH (क्षार)→Nacl(लवण)+ H2(जल)

 

 

36. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया किसे कहते है

उत्तर-उष्माक्षेपी अभिक्रिया वैसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमे उत्पाद के निर्माण के साथ साथ ऊष्मा का भी उत्सर्जन होता है उसे उष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते है

जैसे-CH4 + 2O2 →CO2 + 2H2O + ऊष्मा

ऊष्माशोषी अभिक्रिया किसे कहते है

उत्तर- ऊष्माशोषी अभिक्रिया वैसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमे अभिक्रिया के फलस्वरूप ऊष्मा का अवशोषण होता है उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते है

C + H2O + ऊष्मा →CO + H2

 

37. संतुलित रासायनिक समीकरण किसे कहते है ?

उत्तर— वैसी रासायनिक समीकरण जिसमे अभिकराको की परमाणु संख्या तथा प्रतिफलो के परमाणु संख्या के बराबर हो तो उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते है

H2 + Cl2→2HCI

38. असंतुलित रासायनिक समीकरण किसे कहते है ?

उत्तर— वैसी रासायनिक समीकरण जिसमे अभिकराको की परमाणु संख्या तथा प्रतिफलो के परमाणु संख्या के बराबर नहीं हो तो उसे असंतुलित रासायनिक समीकरण कहते है।

H2 + O2 →2H2O

 

39. संक्षारण किसे कहते है इसके दो उदहारण दीजिए ।

उत्तर-जब कोइ धातु अपने आसपास अम्ल, नमी आदि से अभिक्रिया करके संक्षारित हो जाता है तो इसे संक्षारण कहते है

उदहारण-चाँदी के ऊपर भूरी परत का होना, ताम्बे के ऊपर हरी परत का होना

 

40. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताएँ ।

उत्तर—जंग से बचाने के तरीके इस प्रकार हैं-

(i) तेल या ग्रीस की परत लेपकर-यदि लोहे पर तेल या ग्रीस की स्तर

 जमा दें तो नम वायु लोहे के संपर्क में नहीं आ पातीं जिससे जंग नहीं लगता 

(ii) एनेमल से लोहे की सतह पर रंग-रोगन की स्तर जमाकर जंग पर

 नियंत्रण पाया जाता है। बसों, कारों, स्कूटर, मोटरसाइकिल, खिड़कियों

, रेलगाड़ियों आदि पर एनेमल की स्तर जमाई जाती है।

41. संक्षारण क्या है? सोदाहरण समझाएँ

उत्तर-हवा में वर्तमान ऑक्सीजन, कार्बन डायक्साइड, जलवाष्प, सल्फर डायक्साइड आदि की प्रतिक्रिया धातु की सतह पर होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण होने वाली धातु के क्षरण की क्रिया को संक्षारण कहते हैं

42. पीतल एवं ताँबे के बरतनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?

उत्तर- ताँबे या पीतल के बरतन में दही नहीं रखना चाहिए। दही में अम्लीय गुण होता है, क्योंकि दही खट्टा होता है। ताँबे के साथ दही की अभिक्रिया (दही में लैक्टिक अम्ल है) के फलस्वरूप धातु के लवण बनते हैं और दही का स्वाद बदल जाता है

 

43. धोबिया सोडा एवं बेकिंग सोडा में अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर- धोबिया सोडा और बैंकिंग सोडा में अंतर (ⅰ) धोबिया सोडा का उपयोग कपड़ा धोने में किया जाता है जबकि बेकिंग सोडा का उपयोग कपड़ा, कागज आदि के उद्योग।

(ii) धोबिया सोडा से जल की कठोरता दूर की जाती है। जब बेकिंग सोडा का उपयोग अग्निशामक में किया जाता है।

(iii) धोबिया सोडा का उपयोग काँच, कागज और साबुन के उपयोग में किया जाता है जबकि बेकिंग सोडा का उपयोग पेट की अम्लता दूर करने में होती है।

 

44. विरंजक चूर्ण क्या है? इसका रासायनिक नाम, सूत्र एवं उपयोग लिखें।

उत्तर- विरंजक चूर्ण कैल्सियम ऑक्सीजन और क्लोरीन का यौगिक है। इसे चूने का क्लोराइड भी कहते हैं। इसका रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड है तथा सूत्र (CaOCl2) (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड). होता है।

उपयोगः

(i) इसका उपयोग लौंड्री में विरंजक के रूप में होता है।

(ii) कीटाणुनाशक के रूप में जल को शुद्ध करने में होता है।

(iii) कागज की फैक्ट्री में लकड़ी की मज्जा तथा कपड़ा उद्योग में सूती एवं लिनेन के विरंजक के लिए होता है।

(iv) O₂, Cl तथा क्लोरोफार्म (CHCI) आदि के निर्माण में होता है। (v) कई रासायनिक उद्योगों में एक अपचायक के रूप में होता है।

 

45. आयोडिन-युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?

उत्तर-आजकल आयोडिनयुक्त नमक के उपयोग पर काफी जोर दिया जाता है। आयोडिन हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्त्व है। इसकी कमी से थॉयराइड से संबंधित रोग होते हैं। आयोडिन की कमी से आमतौर पर घेघा रोग होता है।

साधारण नमक में थोड़ा पोटैशियम आयोडेट या पोटैशियम आयोडाइड मिला देने पर आयोडाइज्ड नमक बन जाता है। इसके सेवन से शरीर में आयोडिन की कमी नहीं हेती है 

 

46. 22 कैरेट सोना का क्या अर्थ है?

उत्तर- शुद्ध सोने को 24 कैरेट कहते हैं। यह काफी नर्म होता है। इससे आभूषण बनाना कठिन है। आजकल गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने की आवश्यकता होती है। 22 कैरेट सोना थोड़ा कठोर होता है। इसमें 22 भाग शुद्ध सोना और 2 भाग ताँबा या चाँदी मिला रहता है

47. अपमार्जक क्या है? उदाहरण दें।

उत्तर-सफाई के लिए प्रयुक्त होने वाले पदार्थों को आपमार्जक कहते है। अपमार्जक उच्च ऐल्कोहॉल के हाइड्रोजन सल्फेट व्युत्पन्न के सोडियम लवण होते है। इसकी रासायनिक प्रवृत्ति साबुन से भिन्न होता है। अपमार्जक का आर्द्रता गुण साबुन से अच्छा होता है। उदाहरण- सोडियम लौरिल सल्फेट (C₂H₂OSO,Na)

 

48. किण्वन की क्रिया क्या है? इसमें कौन-सी गैस निकलती है?

उत्तर-गन्ना सूर्य के प्रकाश को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में सर्वाधिक सक्षम होता है। गन्ने के रस (सिरा) बनाने के उपयोग में लाया जाता है। जिसका किण्वन करके एल्कोहल तैयार किया जाता है। इसमें पर्याप्त ऑक्सीजन होने के कारण ईंधन के रूप में व्यवहार होता है और CO, गैस निकलता है

 

49.हमारे आमाशय में अम्ल की भूमिका क्या है? 

उत्तर—– अम्ल पाचन क्रिया सम्पादित करने में सहायता प्रदान करते हैं 

एवं भोजन के साथ आए कीटाणुओं को नष्ट करते हैं।

 

 

50. प्रकाश संश्लेषण क्या है? 

उत्तर – सजीव जगत में हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायुमंडल से CO2 ग्रहण कर और मिट्टी से खनिज लवण एवं जल अवशोषित कर पत्तियों में स्थित हरितलवक के सहारे ऊर्जादायक पदार्थों का निर्माण करते हैं। यह सम्पूर्ण प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।

 

 

51.उत्सर्जन की परिभाषा लिखिए

उत्तर _शरीर के उपचायी क्रियाओं के परिणाम स्वरुप उत्पन्न हानिकारक 

नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की क्रिया उत्सर्जन कहते हैं

 

 

52.क्या कारण है कि पानी भरे टब में तल पर रखा सिक्का हमें ऊँचा उठा हुआ प्रतीत होता है? अथवा, पानी में रखा सिक्का उठा हुआ दिखता है। क्यों?

उत्तर-इसका कारण प्रकाश का अपवर्तन है। जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से चलकर विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो अभिलम्ब से दूर हट जाती है, जिसके कारण बाहर से देखने पर हमें सिक्का ऊपर उठा दिखायी देता है।

 

 

53.हम वाहनों के साइड मिलर के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों करते हैं

उत्तर – उत्तल दर्पण का उपयोग सामान्य वाहनों के साइड मिरर के रूप में होता है इनमें ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को देख सकते हैं जिससे व सुरक्षित रूप से वाहन चला सके उत्तल दर्पण को इसलिए भी प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यह सदैव सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं लेकिन वह छोटा होता है इसका दृष्ट क्षेत्र भी बहुत अधिक है

 

54.प्रतिरोध क्या है? इसका मान एवं मात्रक लिखें। 

उत्तर—किसी धारावाही तार में आवेश के प्रवाह में जो रूकावट आती है उसे प्रतिरोध कहते हैं। इसका मात्रक ओम होता है।

 

55.ओम का नियम (Ohm’s Law):VVI

उत्तर-यह नियम बताता है कि किसी चालक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा, चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर के समानुपाती होती है, यदि तापमान और अन्य भौतिक स्थितियाँ स्थिर रहें। गणितीय रूप में, V = IR, जहाँ V विभवांतर, I धारा और R प्रतिरोध है।

 

56.किसी कार का अग्र दीप (हैड लाइट) किस दर्पण का उपयोग होता है

उत्तर – किसी कार का अग्र दीप में अवतल दर्पण का बना होता है वाहनों के अग्र दीप में प्रकाश का शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए अवतल दर्पण का प्रयोग किया जाता है

 

57. किसी विद्युत परिपथ में लघुपथन कब होता है? अथवा, लघुपथन क्या है?

उत्तर- किसी विद्युत यंत्र में जब धारा कम प्रतिरोध से होकर प्रवाहित हो जाती है तो उसे लघुपथन कहते हैं। इस स्थिति में किसी परिपथ में विद्युत धारा अचानक बहुत अधिक हो जाती है। तब विद्युत पथ में विद्युन्मय तार उदासीन तार के संपर्क में आ जाती है जो प्रतिरोध के शून्य हो जाने के कारण ऐसा होता है। लघुपथन के कारण आग लग सकती है और विद्युत पथ में लगे उपकरण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। छूने पर जोर का विद्युत आघात भी लग सकता है। इससे बचने के लिए विद्युत फ्यूज का प्रयोग किया जाना चाहिए।

 

 

58. कोई दो बल रेखाएँ आपस में एक-दूसरे को क्यों नहीं काटती हैं? उत्तर—कोई दो बल रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटती हैं। यदि वह काटे तो इसका तात्पर्य होगा कि कटान बिन्दु के उत्तरी ध्रुव पर लगा परिणामी बल दो दिशाओं में होगा जो कि असम्भव है।

 

 

59.विद्युत् मोटर का क्या सिद्धांत है ? उत्तर : जब किसी कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में रखकर उसमें धारा प्रवाहित की जाती है, तो कुंडली पर एक बल युग्म कार्य करने लगता है जो कुंडली को उसके अक्ष पर घुमाने का कार्य करता है।

 

60. चालक का प्रतिरोध किन किन बातों पर निर्भर करता है?

उत्तर- चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है- (i) चालक की प्रकृति पर कुछ चालक पदार्थ में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है और कुछ में कम। जैसे— ताँबा में लोहे की अपेक्षा कम प्रतिरोधक क्षमता होती है।

 

61. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?

उत्तर – चुम्बकीय सूई सदा एक ही दिशा की ओर संकेत करती है। यदि दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करें तो इसका अर्थ होगा कि प्रतिच्छेद बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दो दिशाएँ हैं और दिक्सूची ने दो दिशाओं की ओर संकेत किया है, जो संभव नहीं है। इसलिए चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को कभी प्रतिच्छेद नहीं करतीं।

 

62. विद्युत बल्ब में निष्क्रीय गैस भरी जाती है, क्यों? |

उत्तर- निष्क्रिय गैस भरने से इसका टंग्स्टन तंतु नहीं जलता है। नाइट्रोजन, आर्गन इत्यादि निष्क्रिय गैस हैं। निष्क्रिय गैसों में तंतु का वाष्पीकरण नहीं हो पाता है अतः बल्ब की जीवन क्षमता बढ़ जाती है।।

 

63. अयस्क और खनिज में क्या अन्तर है?

उत्तर—अयस्क — जिन पदार्थों (खनिजों) से धातु का निष्कर्षण सरल हो उन्हें अयस्क कहते हैं जैसे—ऐलुमिनियम का अयस्क बॉक्साइट है। खनिज — धातुओं के प्राकृत यौगिक रूप को खनिज कहते हैं। अधिकांश धातुएँ हमें खनिजों के रूप में ही प्राप्त होती हैं जैसे—ताँबा हमें पायराइट या क्यूपराइट से प्राप्त होता है।

 

 

64.मिश्रधातु किसे कहते हैं? मिश्रधातु बनाने के दो फायदे क्या हैं?

उत्तर – किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ मिलकर बना समांगी मिश्रण मिश्रधातु कहलाता है। जैसे— रोजमेटल, पीतल, स्टील, कांसा आदि । मिश्रधातु बनाने के फायदे — (i) संक्षारणरोधी। (ii) उपयोगिता बढ़ जाती हैं 

 

65.पौधे हरे क्यों होते हैं

क्लोरोफिल वर्णक की उपस्थिति के कारण पौधे हरे होते हैं

 

66.हरे पौधों को उत्पादक क्यों कहते हैं

पौधे कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल सूर्य प्रकाश तथा हरित लवक की सहायता से अपने तथा जीव जगत के दूसरों जीवो के लिए भोज पदार्थ का निर्माण करते हैं इसलिए उन्हें उत्पादक कहा जाता है

 

 

67. पित्त क्या है? मानव के पाचन में इसका क्या महत्त्व है?

उत्तर-पित्त यकृत ग्रंथि से स्स्रावित होने वाला (श्राव) द्रव्य है जो छोटी आँत में भोजन के पाचन में मदद करता है।

मनुष्य के पाचन क्रिया में इसका निम्नलिखित महत्त्व है-

(i) पित्त आमाशय से ग्रहणी में आए अम्लीय काइम की अम्लीयता को नष्ट कर उसे क्षारीय बना देता है ताकि अग्न्याशयी रस के एंजाइम उस पर क्रिया कर सके।

 

(ii) पित्त भोजन में वसा के बड़े कण को सूक्ष्म कण में तोड़ने में (emulsification) मदद करता है, ताकि लाइपेज एंजाइम उस पर क्रिया कर वसा अम्ल एवं ग्लिसरॉल में परिवर्तित कर सके। इस प्रकार वसा के पाचन में पित्त का महत्त्व है।

 

68. मुतजीवी पोषण क्या है? उदाहरण सहित उत्तर दें।

उत्तर-जीव मृत जंतुओं और पौधों के शरीर से अपना भोजन, अपने शरीर की सतह से, घुलित कार्बनिक पदार्थों के रूप में अवशोषित करते है, इस प्रकार के पोषण. को मृतजीवी पोषण कहते है। उदाहरण- कवक, बैक्टीरिया तथा कुछ प्रोटोजोआ।

 

69. जीवों के लिए पोषण अनिवार्य है। क्यों?

उत्तर-जीवन की उपापचयी क्रियाओं के संचालन के लिए निरंतर ऊर्जा की आपूर्ति तथा शरीर की वृद्धि तथा टूटे-फूटे ऊतको की मरम्मत के लिए जीव को भोजन की आवश्यकता होती है। भोजन में स्थित विभिन्न पोषक तत्व ये कार्य करते हैं।

 

70. दीर्घरोम क्या है? इसका कार्य लिखें।

उत्तर- छोटी आँत की आंतरिक भित्ति पर अंगुली जैसी संरचना पाई जाती है, जिसे दीर्घरोम कहते हैं। इसका मुख्य कार्य भोजन का अवशोषण करना है।

इसमें रुधिर वाहिकाओं की अधिकता होती है जो भोजन को अवशोषित करके शरीर की प्रत्येक कोशिका तक पहुँचाते हैं।

 

71. मछली, मच्छर, केंचुआ और मनुष्य के मुख्य श्वसन अंगों के नाम लिखें।

उत्तर-मछली में मुख्य श्वसन अंग क्लोम (Gill) होता है। मच्छर में मुख्य श्वसन अंग श्वासनली या ट्रैकिया है, केंचुआ में मुख्य श्वसन अंग त्वचा है, जबकि मनुष्य में फेफड़ा

 

72. श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद होते हैं?

उत्तर-जल में ऑक्सीजन काफी कम घुलित होते हैं, जबकि अधिक जैव ऊर्जा के उत्पादन के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जलीय जीव (मछलियाँ) सर्वप्रथम मुख के द्वारा घुलित ऑक्सीजन को लेती हैं, तथा विसरण के द्वारा क्लोम की कोशिकाओं में अवशोषित कर लेती हैं। जबकि स्थलीय जीव फेफड़ा के द्वारा आसानी से ऑक्सीजन ले पाते हैं।

 

73. पौधों में गैसों का आदान-प्रदान कैसे होता है?

उत्तर -पौधों में गैसों का आदान-प्रदान विसरण की क्रिया के द्वारा पौधों की पत्तियों पर स्थित रंध्रों (stomata) पुराने वृक्षों के तनों की कड़ी त्वचा (bark) पर स्थित वातरंध्रों (lenticels) एवं अंतरकोशिकीय स्थानों (intercellular spaces) के द्वारा होती है। इस क्रिया में पौधों की आवश्यकताओं एवं पर्यावरणीय अवस्था का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है।

 

74. रक्त एवं लसीका में अंतर बतायें।

उत्तर-रक्त रक्त एक प्रकार का तरल संयोजी ऊतक है जिसके मुख्य घटक प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ एवं रक्त पट्टिकाणु है।

लसिका- लसिका स्वेत संवहनी संयोजी ऊतक है। ऊतक कोशिकाओं के बीच स्थित श्वेत रक्त कोशिकाओं सहित रुधिर प्लाज्मा को लसीका कहते हैं। इसमें लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं पाई जाती हैं।

 

 

75.पौधे में जलन खनिज लवणों के सवहन के लिए कौन सा उत्तक उत्तरदाई होते हैं अथवा पौधों में जल का परिवहन किस उत्तक से होता है

उत्तर _पौधों में जाइलम से जल फ्लोयम से खनिज लवणों का सवहन होता है परसनी दाब का सहवन में महत्वपूर्ण होती है काफी ऊंचे पौधे में रसारोहण प्रक्रम द्वारा जल का परिवहन होता है

76.रक्त क्या है इसके संगठन का वर्णन कार्य के साथ करें

उत्तर _रक्त एक तरल सरल संयोजी उत्तक है रक्त का संगठन एंड कार्य इस प्रकार हैं रक्त के तरल भाग जिसे प्लाज्मा कहते हैं और इस में तैरते हुए कणों को कणिकाएं कहते हैं लाल रक्त कणिका (R.B.C)-यह केंद्रक विभिन्न संरचना है इसमें हिमोग्लोबिन उपस्थित रहता है जिससे रक्त का लाल रंग दिखता है यह ऑक्सीजन एंड कार्बन डाइऑक्साइड का वाहक है

श्वेत रक्त कणिका(W.B.C)- यह केंद्रीय रचना है या हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करती हैं

पाटिटकाणु कोशिका- या छोटे गोल रचना है यह रक्त का थक्का बनाती हैं

प्लाज्मा- यह रक्त का तरल भाग है इसमें विभिन्न घटक तैरते रहते हैं सीरम एक रुधिर प्लाज्मा है

77. पादप हार्मोन किसे कहते हैं? चार पादप हार्मोन के नाम लिखें। 

उत्तर – पौधों की वृद्धि और विभेदन क्रिया को सम्पन्न कराने वाले पदार्थों को पादप हार्मोन कहते हैं। जैसे—जिबरेलिन, ऑक्सिन, साइटोकाइनिन, एसेसिक अम्ल

 

78. पर परागण क्या है? 

उत्तर—एक पुष्प के पराग कणों को दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचने की क्रिया को परपरागण कहते हैं।.

 

79. परागण किसे कहते हैं? उत्तर—पराग कणों का स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण या संचारण को परागण कहा जाता है।  

 

80. पारितंत्र में अपमार्जकों का क्या महत्त्व या भूमिका है?

उत्तर — अपमार्जकों की उपस्थिति में जलीय सूक्ष्म जीवाणुओं का अपघटन सरलता से नहीं हो पाता जिससे वे जल में लंबे समय तक विद्यमान रहते हैं। परिणामस्वरूप जलीय जीवन प्रभावित होता है। फॉस्फेट युक्त अपमार्जक में शैवाल अत्यधिक वृद्धि करते हैं जिससे पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

 

81. पोषी स्तर क्या है? एक आहार श्रृंखला द्वारा समझाएँ।

उत्तर—पोषी स्तर—आहार श्रृंखला का प्रत्येक चरण या कड़ी पोषी-स्तर कहलाता है। जलीय आहार श्रृंखला शैवाल जलीय कीट छोटी मछली बड़ी मछली → स्थलीय आहार श्रृंखला घास हिरण बाघ

 

 

82. पिटयुटरी ग्रंथि को ‘मास्टर ग्रंथि’ क्यों कहा जाता है ? 

उत्तर : पिट्यूटरी ग्रंथि कई अन्य महत्त्वपूर्ण अंतःस्रावी ग्रंथियों के स्राव के समय एवं मात्रा का नियंत्रण करती है, इसलिए इस ग्रंथि को ‘मास्टर ग्रंथि’ कहते हैं।

 

83. पादप हार्मोन क्या है?

उत्तर-पौधों की जैविक क्रियाओं के बीच समन्वय स्थापित करने वाले रासायनिक पदार्थ पादप हॉर्मोन (Phytohormones) कहलाता है। ये पौधे के विभिन्न भागों में पहुँचकर वृद्धि एवं अनेक उपापचयी क्रियाओं को नियंत्रित एवं प्रभावित करता है। ये मूलतः विसरण की क्रिया द्वारा, बहुत अल्प मात्रा में अपने संश्लेषण स्थल से पौधे के विभिन्न अंगो में पहुँचते हैं जैसे- आक्जिन, जिबरेलिन्स, साइटोकाइनिन, ऐबसिसिक एसिड एवं एथिलिन।

 

 

84. आयोडीन की कमी से कौन-सी बीमारी होती है तथा कैसे?

अथवा, घेघा या गलगंड क्यों होता है?

उत्तर-आयोडीन की कमी से घेघा (Goitre) रोग होता है। आयोडीन की कमी के कारण थायरॉक्सिन नामक हार्मोन उचित मात्रा में स्स्रावित नहीं हो पाता है, जिससे थॉयराइड ग्रंथि का आकार काफी बढ़ जाता है, जिसके फलस्वरूप गले में सूजन हो जाता है। शरीर की इस अवस्था को बेंघा रोग के नाम से जाना जाता है।

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