1 July Class 10th Sanskrit Question Paper Quarterly Exam 2026
| Subject | Sanskrit |
| Exam Date | 1.7.2026 |
| 10th Exam | त्रैमासिक परीक्षा |
| WhatsApp Channel | join |
| YouTube | click here |
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षाएं वर्ष 2026 के लिए बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही हैं यह परीक्षा 1 जुलाई से 3 जुलाई के बीच आयोजित होगी
परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।
उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।
प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।
शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है
परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप इन रणनीतियों का पालन कर सकते हैं:
बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।
प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।
कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।
10th Quarterly Exam 2026 Syllabus
कक्षा 10th के त्रैमासिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में जून माह तक पढ़ाए गए पाठ से प्रश्न आएगा
बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का लगभग 25-30% होता है। त्रैमासिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती 3 से 4 अध्याय ही शामिल होते हैं
इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?
यह विद्यालय के स्तर पर आयोजित होने वाली त्रैमासिक जांच परीक्षा है। इसलिए इस परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है इस परीक्षा में फेल करने पर आगे की परीक्षा में अनुमति नहीं मिलेगी और इसका अंक annual एग्जाम 2027 में नहीं जोड़े जाएंगे।
त्रैमासिक परीक्षा Exam 2026-EXAM CENTER
इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।
Admit Card Quarterly Exam 2026
इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा
त्रैमासिक परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा ?
बोर्ड ने साफ सुथरे शब्दों में सभी विद्यालय को निर्देश दिया हैं, यदि कोई छात्र/छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे तो उनको किसी भी परिस्थिति में फाइनल परीक्षा में भाग नहीं ले सकते हैं
क्या त्रैमासिक परीक्षा के कॉपी Check होता हैं?
जी हां, जब आपकी परीक्षा सम्पन्न हो जाती हैं, तब आपके कॉपी को आपके विद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा चेक की जाती हैं। तथा इसका फाइनल रिजल्ट बोर्ड ऑफिस को भेजा भी जाता हैं।
त्रैमासिक परीक्षा का महत्व
यदि आप भी कक्षा 10वी की त्रैमासिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है त्रैमासिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए त्रैमासिक परीक्षा लिया जाता है
Class 10th Sanskrit Objective Answer Key
| 1.B | 16.D | 31.B | 46.D |
| 2.C | 17.B | 32.C | 47.B |
| 3.B | 18.B | 33.D | 48.B |
| 4.A | 19.C | 34.B | 49.C |
| 5.B | 20.A | 35.B | 50.C |
| 6.C | 21.B | 36.B | 51. |
| 7.A | 22.D | 37.C | 52. |
| 8.B | 23.B | 38.D | 53. |
| 9.C | 24.A | 39.B | 54. |
| 10.C | 25.D | 40.D | 55. |
| 11.C | 26.D | 41.A | 56. |
| 12.B | 27.B | 42.C | 57. |
| 13.A | 28.C | 43.C | 58. |
| 14.B | 29.A | 44.A | 59. |
| 15.A | 30.C | 45.D | 60. |
Subjective Question PDF
Q मंडलम् पाठ में किसके बारे में चर्चा की गई है और उसे कैसा बताया गया है?
उत्तरः’मंडलम्’ पाठ में सत्य और आत्मा के स्वरूप के बारे में चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि सत्य का मुख सोने के पात्र से ढका हुआ है तथा आत्मा सूक्ष्म से भी सूक्ष्म और महान से भी महान है, जो जीव के हृदय रूपी गुफा में निवास करती है।
Q विज्ञानी नाम रूप छोड़कर कैसे परमात्मा के पास चले जाते हैं?
उत्तरः जिस प्रकार बहती हुई नदियाँ अपना नाम और रूप छोड़कर समुद्र में विलीन हो जाती हैं, उसी प्रकार विद्वान अपना नाम और रूप छोड़कर परमात्मा को प्राप्त कर लेते हैं।
Q .मैं उस महान पुरुष को जानता हूँ, वह कैसा है?
उत्तरःश्वेताश्वतर उपनिषद् के अनुसार, मैं उस महान पुरुष को जानता हूँ जो प्रकाश स्वरूप है और अज्ञान रूपी अंधकार से बिल्कुल परे है। उसे जानकर ही मनुष्य मृत्यु को पार कर सकता है। इसके अलावा दूसरा कोई मार्ग नहीं है।
Q.पटना का इतिहास कितने वर्ष पुराना है?
उत्तरःपटना (पाटलिपुत्र) का इतिहास लगभग 2500 वर्ष पुराना है।
Q.पटना के विषय में महात्मा बुद्ध ने क्या कहा था?
उत्तरःभगवान बुद्ध ने पटना के बारे में कहा था कि यह आगे चलकर एक महानगर बनेगा, लेकिन यह नगर बाढ़, आग और युद्ध से हमेशा घिरा रहेगा। वर्तमान में पाटलिग्राम ही पटना के नाम से जाना जाता है।
Q.चन्द्रगुप्त मौर्य के समय में पटना की व्यवस्था कैसी थी?
उत्तरःचन्द्रगुप्त मौर्य के समय में पाटलिपुत्र की रक्षा व्यवस्था और शोभा अत्यन्त उत्कृष्ट थी। यूनानी राजदूत मेगस्थनीज ने अपने संस्मरणों में इसका विशेष उल्लेख किया है।
Q. राजा अशोक के समय पटना कैसा था?
उत्तरःसम्राट अशोक के शासनकाल में पटना नगर वैभव से समृद्ध था तथा यहाँ की शासन व्यवस्था अत्यन्त प्रिय और सुव्यवस्थित थी।
Q.काव्यमीमांसा नामक ग्रंथ में पटना के बारे में क्या कहा गया है?
उत्तरःराजशेखर द्वारा रचित ‘काव्यमीमांसा’ ग्रंथ में बताया गया है कि पाटलिपुत्र प्राचीन काल में शिक्षा का एक बहुत बड़ा केन्द्र था। यहाँ पाणिनि, पिंगल, व्याडि, वररुचि और पतंजलि जैसे महान विद्वानों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रसिद्धि प्राप्त की थी।
Q.कौमुदी महोत्सव किस राजा के समय में होता था?
उत्तरःकौमुदी महोत्सव गुप्त वंश के शासनकाल में, विशेषकर शरद ऋतु में, बड़े धूमधाम से मनाया जाता था।
Q.मध्यकाल में पटना की स्थिति कैसी थी?
उत्तरःमध्यकाल में पटना की स्थिति अच्छी नहीं थी। इस काल में पटना लगभग एक हजार वर्षों तक पिछड़ी अवस्था में रहा। इसका उल्लेख अनेक साहित्यिक ग्रंथों, जैसे ‘मुद्राराक्षस’ आदि में मिलता है।
Q. मंडलम् पाठ के किसी एक श्लोक को लिखकर उसका अर्थ लिखें।
श्लोक :हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहितं मुखम्। तत्त्वं पूषन्नपावृणु सत्यधर्माय दृष्टये॥
अर्थ :हे सूर्य! सत्य का मुख स्वर्णमय पात्र से ढका हुआ है। सत्यरूपी धर्म की
प्राप्ति के लिए उस आवरण को हटाइए, ताकि मैं सत्य का दर्शन कर सकूँ।
Q.पटना को ‘सरस्वती कुलगृह’ क्यों कहा गया है?
उत्तर :पटना (पाटलिपुत्र) को ‘सरस्वती कुलगृह’ इसलिए कहा गया है क्योंकि प्राचीन काल से यह शिक्षा, विद्या और ज्ञान का प्रमुख केन्द्र रहा है। पाणिनि, पिंगल, व्याडि, वररुचि तथा पतंजलि जैसे महान विद्वानों ने यहाँ शिक्षा प्राप्त कर प्रसिद्धि अर्जित की थी। इसी गौरवशाली विद्वत् परम्परा के कारण पटना को सरस्वती का निवास स्थान माना गया है।
Q.‘संस्कृत साहित्ये लेखिका’ पाठ के आधार पर लेखक क्या बताना चाहता है?
उत्तर :’संस्कृत साहित्ये लेखिका’ पाठ के आधार पर लेखक यह बताना चाहता
है कि समाज स्त्री और पुरुष दोनों के समान सहयोग से चलता है। संस्कृत साहित्य के विकास में केवल पुरुषों का ही नहीं, बल्कि महिलाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्राचीन काल से आधुनिक काल तक अनेक कवयित्रियों, लेखिकाओं और विदुषियों ने संस्कृत भाषा को समृद्ध बनाया है। लेखक का मुख्य उद्देश्य साहित्य के क्षेत्र में महिलाओं के ऐतिहासिक योगदान को उजागर करना है।
