22 September Class 10th Social Science Question Paper Half Yearly Exam 2026

22 September Class 10th Social Science Question Paper Half Yearly Exam 2026

Subject Social Science 
Exam Date  22.9.2026
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक परीक्षा (Half Yearly Exam) 21 सितंबर से 23 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाएगी। जिसमें सभी विषय शामिल होंगे जैसे हिन्दी संस्कृत विज्ञान गणित सामाजिक विज्ञान 

परीक्षा की समय-सारणी (Exam Schedule)

यह परीक्षा ऑफलाइन (पेन और पेपर) माध्यम से दो पालियों (Shifts) में आयोजित होगी

परीक्षा की शुरुआत: 21 सितंबर 2026

परीक्षा की समाप्ति: 23 सितंबर 2026

शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है

प्रथम पाली (First Shift): सुबह 09:30 AM से दोपहर 12:45 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 09:30 AM – 09:45 AM)

द्वितीय पाली (Second Shift): दोपहर 02:00 PM से शाम 05:15 PM तक (कूल-ऑफ टाइम: 02:00 PM – 02:15 PM)

 

अनिवार्य उपस्थिति: सभी छात्र-छात्राओं के लिए इस अर्धवार्षिक परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके अंकों के आधार पर स्कूल छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हैं।

परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।

उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।

प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।

 

परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप इन रणनीतियों का पालन कर सकते हैं:

1.बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।

2.प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।

3.कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।

4.पिछले 2-3 सालों के बिहार बोर्ड के मॉडल पेपर्स या तिमाही परीक्षा के पेपर्स को हल करने का प्रयास करें ताकि परीक्षा के पैटर्न का सटीक अंदाजा मिल सके।

5.हर चैप्टर के अंत में दिए गए ऑब्जेक्टिव प्रश्नों को याद करें और फॉर्मूले की एक अलग शॉर्ट-नोटबुक बना लें।

6.प्रत्येक विषय के शुरुआती 4 से 6 अध्यायों (Chapters) को पूरी तरह से तैयार कर लें, क्योंकि अधिकांश प्रश्न इन्हीं से आएंगे।

 

परीक्षा का उद्देश्य:

बोर्ड परीक्षा से पहले यह आपके स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) का सबसे बेहतरीन मौका है, जिससे आपको अपनी तैयारी के स्तर का पता चलेगा।

 

परीक्षा का स्तर: प्रश्न पत्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा ही तैयार किए जाते हैं, जो बोर्ड के पाठ्यक्रम (Syllabus) पर आधारित होते हैं।

 

कितने सिलेबस से प्रश्न रहेंगे Half Yearly Exam 2026 Syllabus

Class 10th के अर्धवार्षिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में अगस्त माह तक पढ़ाए गए बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का 50% होता है। अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती आधा अध्याय ही शामिल होते हैं

सिलेबस (Syllabus): अर्धवार्षिक परीक्षा में आम तौर पर कक्षा 10वीं के कुल पाठ्यक्रम का लगभग 50% हिस्सा पूछा जाता है। 

 

परीक्षा की तैयारी और सिलेबस

चूंकि यह अर्धवार्षिक परीक्षा है, इसलिए इसमें आपके पाठ्यक्रम (Syllabus) के शुरुआती अध्यायों से ही प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा में ऑब्जेक्टिव (MCQs) और सब्जेक्टिव (लघु और दीर्घ उत्तरीय) दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल होंगे

Subject Syllabus –   सामाजिक विज्ञान (Social Science)

यूरोप में राष्ट्रवाद, समाजवाद एवं साम्यवाद, हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन।

भारत: संसाधन एवं उपयोग, प्राकृतिक संसाधन, जल संसाधन, वन एवं वन्य जीव संसाधन।

लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारी, सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली।

अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास, राज्य एवं राष्ट्र की आय। आपदा प्रबंधन 

 

इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?

बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की अर्धवार्षिक (Half Yearly) परीक्षा में फेल होने या अनुपस्थित (Absent) रहने पर आपको मुख्य (वार्षिक) परीक्षा का फॉर्म भरने से रोका जा सकता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के नियमों के अनुसार, इस आंतरिक परीक्षा में शामिल होना और उत्तीर्ण होना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है.

यह विद्यालय के स्तर पर आयोजित होने वाली अर्धवार्षिक जांच परीक्षा है। और इसका अंक ANNUAL EXAM 2027 में नहीं जोड़े जाएंगे।

 

अर्धवार्षिक परीक्षा 2026-EXAM CENTER

इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।

 

Admit Card Quarterly Exam 2026

इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा 

 

क्या अर्धवार्षिक परीक्षा के कॉपी Check होता हैं?

हां,जब आपकी परीक्षा सम्पन्न हो जाती हैं, तब आपके कॉपी को आपके विद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा चेक की जाती हैं। तथा इसका फाइनल रिजल्ट बोर्ड ऑफिस को भेजा भी जाता हैं।

 

अर्धवार्षिक परीक्षा का महत्व

यदि आप भी कक्षा 10वी की अर्धवार्षिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है अर्धवार्षिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए अर्धवार्षिक परीक्षा लिया जाता है 

 

Class 10th Social Science Objective Answer Key Half Yearly Exam 2026

1.C 16.B 31.C 46.D
2.B 17.D 32.B 47.D
3.A 18.B 33.C 48.B
4.D 19.B 34. 49.B
5.B 20.A 35. 50.C
6.D 21.D 36. 51.C
7.A 22.B 37.D 52.C
8.B 23.A 38.D 53.C
9.A 24.D 39.C 54.A
10.D 25.C 40.A 55.D
11.D 26.D 41.D 56.
12.B 27.B 42.B 57.
13.B 28.D 43.D 58.
14.B 29.C 44.C 59.
15.D 30.C 45.A 60.

Subjective Question Answer 

1. बोल्शेविक क्रांति के दो तात्कालिक कारण बताएँ।

प्रथम विश्व युद्ध में रूस की भारी पराजयः युद्ध में रूसी सेना की लगातार हार हो रही थी, जिससे सैनिकों और जनता में ज़ार (राजा) के खिलाफ तीव्र आक्रोश था।

भोजन और आवश्यक वस्तुओं की कमीः युद्ध के कारण देश में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई थी। जनता ने “रोटी दो” के नारों के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

 

2. लेनिन द्वारा नई आर्थिक नीति (NEP) की घोषणा क्यों की गई?

रूसी क्रांति और गृहयुद्ध के बाद रूस की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो चुकी थी। कृषि और औद्योगिक उत्पादन बहुत गिर गया था और किसानों में भारी असंतोष था। साम्यवाद को तुरंत पूरी तरह लागू करने से उपजे संकट को टालने, अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और किसानों व पूंजीपतियों को कुछ हद तक राहत देने के लिए लेनिन ने 1921 में नई आर्थिक नीति (NEP) की घोषणा की।

 

3. रॉलेट एक्ट क्यों लगाया गया?

भारत में बढ़ रही क्रांतिकारी गतिविधियों और राष्ट्रवाद को दबाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 1919 में रॉलेट एक्ट पारित किया। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार को यह अधिकार देना था कि वह किसी भी भारतीय पर बिना मुकदमा चलाए या बिना वारंट के अनिश्चित काल के लिए जेल में बंद कर सके।

 

4. हो ची मिन्ह मार्ग की क्या उपयोगिता थी?

हो ची मिन्ह मार्ग वियतनाम युद्ध के दौरान उत्तरी वियतनाम से दक्षिणी वियतनाम तक रसद, हथियार और सैनिकों की आपूर्ति करने का एक मुख्य जीवन-रेखा (Supply Route) मार्ग था। यह मार्ग लाओस और कंबोडिया के क्षेत्रों से होकर गुजरता था, जिसकी मदद से वियतकांग लड़ाकों ने अमेरिकी सेना के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध को सफलतापूर्वक जारी रखा।

 

5. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दो कारण लिखें।

साइमन कमीशन का विरोधः 1928 में भारत आए साइमन कमीशन में एक भी भारतीय सदस्य नहीं था, जिससे भारतीयों में भारी रोष था।

 

पूर्ण स्वराज की मांग को ठुकरानाः ब्रिटिश सरकार ने नेहरू रिपोर्ट और कांग्रेस की ‘पूर्ण स्वराज’ (1929) की मांग पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, जिसके बाद गांधी जी ने आंदोलन का फैसला किया।

 

6. असहयोग आंदोलन क्यों स्थगित किया गया?

5 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा (उत्तर प्रदेश) में एक उत्तेजित भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी जिंदा जल गए। महात्मा गांधी पूर्णतः अहिंसा के समर्थक थे। इस हिंसक घटना से दुखी होकर उन्होंने आंदोलन को तुरंत स्थगित करने का निर्णय लिया।

 

7. स्लम पद्धति की शुरुआत कैसे हुई?

औद्योगिक क्रांति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में शहरों (जैसे ब्रिटेन) की ओर आए। कारखानों के मालिकों ने उनके रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं की। इसके परिणामस्वरूप मजदूर फैक्ट्रियों के आस-पास तंग, गंदे और बिना बुनियादी सुविधाओं वाले इलाकों में रहने को मजबूर हुए, जिससे स्लम (झुग्गी-झोपड़ी) पद्धति की शुरुआत हुई।

 

8. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की क्या आवश्यकता है?

राजनीतिक दल लोकतंत्र के प्राण हैं क्योंकि वेः जनता की समस्याओं को सरकार के सामने उठाते हैं।

चुनाव लड़कर सरकार का गठन करते हैं और नीतियों का निर्माण करते हैं। विपक्ष में रहकर सरकार की मनमानी और गलत नीतियों पर अंकुश लगाते हैं।

 

9. सामाजिक विभाजन से आपका क्या अभिप्राय है?

जब किसी समाज में जाति, धर्म, भाषा, लिंग या क्षेत्र के आधार पर लोगों के बीच बड़े अंतर या भेदभाव पैदा हो जाते हैं और एक समूह खुद को दूसरे से अलग समझने लगता है, तो उसे सामाजिक विभाजन कहते हैं।

 

10. भारत में बहुदलीय व्यवस्था क्यों अपनाया गया है?

भारत एक विशाल और अत्यधिक विविधता (भौगोलिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई) वाला देश है। किसी एक या दो दलों के लिए इस विशाल विविधता और सभी सामाजिक समूहों के हितों का प्रतिनिधित्व करना संभव नहीं था। इसलिए, सभी वर्गों को अपनी राजनीतिक आवाज देने के लिए भारत में बहुदलीय व्यवस्था अपनाई गई।

 

11. सूचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उद्देश्य क्या थे?

सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना।

सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाना।

जनता को सरकार के निर्णयों और नीतियों की जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देना।

 

12. आय का गरीबी के साथ संबंध स्थापित करें।

आय और गरीबी के बीच सीधा और विपरीत (Inversely Proportional) संबंध होता है। जब किसी व्यक्ति या परिवार की आय बहुत कम होती है, तो वह अपनी बुनियादी जरूरतें (भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य) पूरी नहीं कर पाता और गरीबी रेखा के नीचे चला जाता है। कम आय के कारण बचत और निवेश नहीं होता, जिससे व्यक्ति ‘गरीबी के कुचक्र’ में फंसा रहता है।

 

13. बिहार के पिछड़ेपन के दो आर्थिक कारण बताएँ।

कृषि पर अत्यधिक निर्भरता और पारंपरिक तकनीकः बिहार की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर है, जो आज भी बाढ़-सूखे और पुरानी तकनीकों के कारण पिछड़ी हुई है।

औद्योगिक बुनियादी ढांचे (Infrastucture) की कमीः राज्य में भारी उद्योगों, बिजली की पर्याप्त आपूर्ति और निवेश के अनुकूल माहौल की कमी है।

 

14. मंदी का रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ता है?

आर्थिक मंदी के कारण वस्तुओं और सेवाओं की मांग बाजार में घट जाती है। इसके परिणामस्वरूप फैक्ट्रियां और कंपनियां अपना उत्पादन कम कर देती हैं या बंद हो जाती हैं। इससे बड़े पैमाने पर छंटनी (Layouts) होती है, बेरोजगारी तेजी से बढ़ती है और नए रोजगार के अवसर समाप्त हो जाते हैं।

 

15. सतत विकास क्या है?

ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करे कि आने वाली पीढ़ियों (Future Generations) के लिए संसाधनों की उपलब्धता और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचे, सतत विकास (Sustainable Development) कहलाता है।

 

16. लौह अयस्क के दो प्रकारों के नाम लिखें।

1. हेमेटाइट (Haematite) इसे लाल अयस्क भी कहा जाता है।

2. मैग्नेटाइट (Magnetite) – यह सबसे उत्तम गुणवत्ता वाला चुंबकीय अयस्क है।

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