Class 12th Chemistry Vvi Subjective Question 2026
1. एनिलीन से एथिल अमीन अधिक क्षारीय होते हैं, क्यों ?
उत्तर-एनिलीन में अनुनाद स्थायीकरण होता है। इसके कारण N पर उपस्थित असहभाजित इलेक्ट्रॉन युग्म का अनुनाद में भाग लेने के कारण अम्लों के साथ सहभाजित होने की प्रवृत्ति कम होती है परन्तु एथिल एमीन में ऐसा नहीं होता है इसलिए एनिलीन से एथिल अमीन अधिक क्षारीय होता है।
2. साइक्लोहेक्सामीन एनिलीन से ज्यादा क्षारीय होते हैं, क्यों ?
उत्तर-एनिलीन में, नाइट्रोजन पर इलेक्ट्रॉन पेयर स्वतंत्र नहीं होता है तथा अनुनाद बनता है। साइक्लोहेक्सामीन में इलेक्ट्रॉन पेयर स्वतंत्र होता है जो दाता का काम करता है। साइक्लोहेक्सामीन ज्यादा क्षारीय होता है।
3. फेनॉल की प्रकृति अम्लीय होती है, क्यों ?
उत्तर-फेनॉल के द्वारा एक प्रोटॉन (H+) के त्याग से जो फेनॉक्साइड आयन बनता है वह अनुनाद स्थायित्व प्राप्त कर लेता है। अतः फेनॉल की प्रकृति अम्लीय होती है
4. अक्रिय गैसें एक-परमाणविक होती है, क्यों?
उत्तर-अभिक्रिया गैस की बाहरी कक्षा में इलेक्ट्रॉन की संख्या दो या आठ होती है जो कि स्थिरता प्रदान करती है इसीलिए वह किसी दूसरे तत्व से बंधन नहीं बनाता तथा एक परमाण्विक होता है।
5. संक्रमण धातुएँ परिवर्तनशील संयोजकता दर्शात हैं, क्यों ?
उत्तर- संक्रमण धातुएँ परिवर्तनशील संयोजकता दर्शाते हैं क्योंकि इनके (n – 1) d एवं ns आर्बिटलों के इलेक्ट्रॉन आबंध के निर्माण में योगदान करते हैं।
6. कमरे के तापक्रम पर H2O द्रव एवं H2S गैस अवस्था में पाये जाते हैं, क्यों ?
उत्तर-कमरे के तापक्रम पर H2O द्रव एवं H2S गैस अवस्था में पाये जाते हैं क्योंकि H2O के अणुओं के बीच अंतराण्विक हाइड्रोजन आबंध होता है जबकि H2S के अणुओं के बीच वाण्डरवाल बल क्रियाशील रहता है।
7. Aniline की क्षारीय शक्ति Methyl amine से कम हो जाता है, क्यों ?
उत्तर – Aniline की क्षारीय शक्ति Methyl amine से कम हो जाता है क्योंकि Aniline के नाइट्रोजन परमाणु के पास उपस्थित निर्जन जोड़ी इलेक्ट्रॉन वेंजीन रिंग के साथ अनुनाद में भाग लेते हैं एवं नाइट्रोजन परमाणु धनावेशित हो जाता है तथा इलेक्ट्रॉन त्याग नहीं कर पाता है। Methyl amine में नाइट्रोजन परमाणु निर्जन जोड़ी इलेक्ट्रॉन प्रदान करता है।
8. Phenol की अम्लीय शक्ति Alcohol से अधिक होता है, क्यों ?
उत्तर-Phenol की अम्लीय शक्ति Alcohol से अधिक होता है क्योंकि Phenol के Phenoxide ion अनुनाद (Resonance) के कारण Alcohol के Alkoxide ion से अधिक स्थायी होता है
9. उच्च ताप पर जिंक ऑक्साइड पीला रंग खो देता है, क्यों ?
उत्तर- उच्च ताप पर ZnO उत्क्रमणीय ढंग से ऑक्सीजन खो देता है, जिसके कारण ZnO पीला रंग खो देता है।
10. अनुचुंबकीय पदार्थों में स्थायी चुंबकीय द्विध्रुव होते हैं, क्यों ?
उत्तर-अयुग्मित इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं, आयनों एवं अणुओं की उपस्थिति के कारण अनुचुम्बकीय पदार्थों में स्थायी चुंबकीय द्विध्रुव होते हैं।
11. ताप अभिक्रिया को प्रभावित करता है, कैसे
उत्तर- सामान्यतः अभिकर्मकों का ताप जितना ही अधिक रहता है उनके बीच अभिक्रिया उतनी ही तेजी से होती है। मोटे तौर पर 10°C ताप बढ़ने से अभिक्रिया का वेग दुगुना हो जाता है।
12. कॉपर मैट को सिलिका की पर्त चढ़े हुए परिवर्तक में क्यों रखा जाता है ?
उत्तर- Fe2O3 जैसी क्षारीय अशुद्धियों को दूर करने के लिए कॉपर मैट को सिलिका की पर्त चढ़े हुए परिवर्तक में रखा जाता है
13. ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के द्विध्रुव आघूर्ण उच्च होते हैं, क्यों ?
उत्तर-ध्रुवीय कॉर्बोनिल समूह की उपस्थिति के कारण ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के द्विध्रुव आघूर्ण उच्च होते हैं।
14. ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के क्वथनांक संगत ऐल्कोहलों तथा कार्बोक्सिलिक अम्लों से निम्न होते हैं, क्यों ?
उत्तर-ऐल्डिहाइड तथा कीटानों के क्वथनांक संगत ऐल्कोहॉलों तथा कार्बोक्सिलिक अम्लों से निम्न होते हैं, क्योंकि ऐल्कोहॉलों तथा कार्बोक्सिलिक अम्लों में अंतर-आण्विक हाइड्रोजन बन्ध पाया जाता है।
15. ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के द्विचव आघूर्ण ऐल्कोहॉलों से उच्च होते हैं, क्यों ?
उत्तर-ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों के द्विध्रुव आघूर्ण संगत ऐल्कोहॉलों से अधिक होते हैं, क्योंकि ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों में कार्बोनिल समूह की ध्रुवता (Polarity) अधिक होती है।
16. ऐसीटोन जल में अत्यधिक विलेय है लेकिन ऐसीटोफीनोन नहीं, क्यों ?
उत्तर-ऐसीटोफीनोन जल में ऐसीटोन से कम विलेय होता है क्योंकि इसमें उच्च हाइड्रोकार्बन भाग होता है।
17. ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, क्यों ?
उत्तर-ऐल्डिहाइड तथा कीटोनों में ध्रुवीय C = O समूह होता है, अतः नाभिकरागी के आक्रमणकारी प्रभाव में कार्बोनिल समूह अपने ग-इलेक्ट्रॉन युग्म को ऑक्सीजन परमाणु को देता है तथा इलेक्ट्रॉनरागी इलेक्ट्रॉन न्यून कार्बन परमाणु पर आक्रमण करता है। अतः ये योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
18. चाँदी विद्युत का अच्छा सुचालक है, क्यों ?
उत्तर-चाँदी (Silver) की विद्युत चालकता 63.01×10⁶ होती है, जो सभी अन्य चालक तत्वों में सबसे ज्यादा है। जिसके कारण चाँदी से होकर विद्युत आवेश शीघ्रता एवं सरलता से प्रवाहित होता है। यही कारण है कि चाँदी अन्य की अपेक्षा विद्युत का सबसे अच्छा चालक है।
19. H2S सिर्फ अवकारक है जबकि SO2 ऑक्सीकारक और अवकारक दोनों की तरह कार्य है। व्याख्या करें।
उत्तर- H2S में सल्फर का ऑक्सीकरण संख्या-2 होता है। इसलिए इलेक्ट्रॉन नहीं देता है जिससे ऑक्सीकरण संख्या +4 और +6 हो सके। इसलिए यह सिर्फ अवकारक है।
जबकि SO2 ऑक्सीकारक और अवकारक दोनों तरह कार्य करता है, क्योंकि इसका ऑक्सीकरण संख्या +4 होता है जो इलेक्ट्रॉन दे सकता है, और ले भी सकता है।
20. काँच को अतिशीतित द्रव्य माना जाता है, क्यों ?
उत्तर-काँच को अतिशीतित द्रव्य इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह एक ठोस है, जिसका गुण द्रव्य से मिलता-जुलता है।
21. PH3 से NH3 का आबन्ध कोण बड़ा है, क्यों ?
उत्तर- NH3 का आबन्ध कोण PH3 से बड़ा होता है क्योंकि नाइड्रोजन की विद्युत ऋणात्मकता फॉस्फोरस से अधिक होती है।
22. उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या तुलनात्मक रूप से बड़ी होती है. क्यों ?
उत्तर-उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या अपने आवर्त में तुलनात्मक रूप से बड़ी होती है क्योंकि उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या Vander Walls त्रिज्या है, जबकि उसी आवर्त के अन्य तत्त्वों की परमाणु त्रिज्या या तो सहसंयोजक त्रिज्या है या धात्विक त्रिज्या ।
23. ‘ऐनीलिन दुर्बल भस्म है व्याख्या करें
उत्तर-ऐनीलिन (ऐरोमैटिक ऐमीन) ऐलिफैटिक ऐमीन की तुलना में दुर्बल भस्म होते हैं क्योंकि बेजीन इलेक्ट्रॉन आकीं है तथा अनुनाद के कारण नाइट्रोजन पर उपस्थित इलेक्ट्रॉन युग्म वेजीन रिंग की ओर खींच जाते है, जिसमें नाइट्रोजन पर इलेक्ट्रॉन धनस्त घट जाता है।
