Class 12th Physics Vvi Subjective Question 2026

Class 12th Physics Vvi Subjective Question 2026

 

1. संधारित्र की धारिता किन दो बातों पर निर्भर करती है?

उत्तर- संधारित्र की धारिता निम्नलिखित दो बातों पर निर्भर करती है:

(i) चालक के पृष्ठीय क्षेत्रफल पर ।

(ii) चारों ओर के माध्यम के प्रकृति पर ।

 

2. परावैद्युत सामर्थ्य से क्या समझते है ?

उत्तर-किसी परावैद्युत पदार्थ का परावैद्युत सामर्थ्य विद्युत क्षेत्र की प्रबलता का वह उच्चतम मान है जिसे वह पदार्थ भंजन हुए बिना सहन कर सकता है। सामान्य दाब पर शुष्क वायु का परावैद्युत सामर्थ्य लगभग 3×10⁶ v/m की कोटि का होता है

 

3 . आवेश संरक्षण का सिद्धांत क्या है ? उत्तर-आवेश संरक्षण का सिद्धांत – इस सिद्धांत के अनुसार,”किसी विलगित निकाय के भीतर का कुल आवेश स्थिर रहता है”। उदाहरण के लिए जब काँच की छड़ को रेशम से रगड़ा जाता है तो जितना धन आवेश काँच पर उत्पन्न होता है, उतना ही ऋण आवेश रेशम पर उत्पन्न होता है। यहाँ आवेश का केवल पुनर्वितरण होता है। यह एक सार्वत्रिक नियम है।

 

 

4. विद्युत आवेश क्या है ? इसके दो गुणों को लिखें ।

उत्तर – विद्युत आवेश-विद्युत आवेश वह भौतिक राशि है जिसके कारण पदार्थ में विद्युत तथा उससे संबंधित प्रभाव उत्पन्न होते हैं। इसके दो गुण निम्नलिखित हैं :

(1) आवेश योगात्मक होते हैं।

(2) आवेश संरक्षित होते हैं।

 

 

5. दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ क्यों एक-दूसरे को काट नहीं सकती है? क्या दो समविभव सतह काट सकती है?

उत्तर-यदि दो विद्युत बल रेखाएँ एक बिन्दु एक एक-दूसरे को काटती है, तो उस बिन्दु पर दो स्पर्श रेखाएँ होंगी। अतः उस बिन्दु पर विद्युत क्षेत्र की दो दिशाएँ होंगी जोकि असंभव है। दो समविभव सतह नहीं काट सकती है।

 

6. संधारित्र के किन्हीं दो उपयोग को लिखें । उत्तर- संधारित्र के दो उपयोग :

(i) ऊर्जा संचायक के रूप में

(ii) इलेक्ट्रॉनिक परिपथों के रूप में

 

 

7. कूलम्ब के नियम की सीमाएँ क्या है ?

उत्तर-कूलम्ब के नियम की निम्नलिखित सीमाएँ हैं :

(i) यह नियम केवल बिन्दु आवेशों के लिए सत्य है।

(ii) यह नियम केवल स्थिर आवेशों के लिए ही लागू होता है।

(iii) यह नियम 10-¹⁴m से कम दूरी के लिए लागू नहीं होता है।

 

 

8. वायुमंडल वैद्युत उदासीन नहीं होता है। क्यों 

उत्तर-वायुमंडल में मुख्यतः नाइट्रोजन तथा ऑक्सीजन गैस होता है एवं इसके अलावा कार्बन डाईऑक्साइड, जलवाष्प, हाइड्रोकार्बन, सल्फर के यौगिक तथा धूलकण होते हैं। सूर्य की किरणे में यौगिक कणों तथा धूल कण होते है। सूर्य की किरणे यौगिक कणों तथा धूलकणों से टकराकर इन्हें आयनीकृत कर देती है। अतः वायुमंडल विद्युत उदासीन नहीं होता

 

 

9. द्विध्रुव के स्थायी संतुलन एवं अस्थायी संतुलन से क्या समझात हैं?

उत्तर-विद्युतीय द्विध्रुव की न्यूनतम स्थितिज ऊर्जा अर्थात् A = 0° की स्थिति में द्विध्रुव को स्थायी संतुलन में कहा जाता है। विद्युतीय द्विध्रुव की महत्तम स्थितिज ऊर्जा अर्थात् A = 180° की स्थिति में द्विध्रुव को अस्थायी संतुलन में कहा जाता है।

 

10. संधारित्र से क्या समझते हैं ? इसकी धारिता को भी बतावें अथवा, संधारित्र की धारिता से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर- संधारित्र-वैसी व्यवस्था जिसमे एक विद्युतरोधी आवेशित चालक के निकट एक भूधृत चालक लाने से, पहले वाले चालक की धारिता कृत्रिम रूप से बढ़ जाती है, संधारित्र कहते हैं।

संधारित्र की धारिता- किसी संधारित्र की विद्युत धारिता संख्यात्मक रूप से उस आवेश का वह परिमाण है, जिसे संधारित्र के दोनों प्लेटों के बीच एकांक विभवांतर उत्पन्न होता है। यदि संधारित्र की संग्राहक प्लेट पर ‘Q’ आवेश देने पर दोनों प्लेटों के बीच V विभवांतर उत्पन्न हो जाता है तो संधारित्र की धारिता (C) = Q/V

 

 

11. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ क्या हैं ? इसके दो गुणों को लिखें ।

उत्तर-विद्युत क्षेत्र रेखाएँ- विद्युत क्षेत्र रेखाएँ वे वक्र हैं जिसके किसी (Electric field fires) बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर विद्युतीय तीव्रता की दिशा बताती है।

 

गुण : 1. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ धनावेश से प्रारंभ होती है और ऋणावेश पर समाप्त होती है।

2. कोई भी दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को काट नहीं सकती

 

12. वान-डी-ग्राफ जनित्र में बेल्ट (फीता) विद्युत रोधी पदार्थ का क्यों बना होता है ?

उत्तर-वान-डी-ग्राफ जनित्र में चालक के नुकीले भाग से वायुकण अथवा धूलकण आवेश प्राप्त कर उनके द्वारा प्रतिकर्षित होकर एक बेल्ट से टकराते हैं। यह बेल्ट विद्युतरोधी पदार्थ का बना होता है। इसका काम है कि एक चालक से दूसरे चालक तक आवेश पहुँचाना । इसके लिए यह आवश्यक है कि बेल्ट द्वारा लिया गया आवेश उस पर फैले नहीं बल्कि स्थानीकृत हो । बेल्ट के साथ ये आवेश जब ग्राहक के नुकीले चालक के सिरों के निकट पहुँचते हैं तो नुकीले सिरों से हाकर विपरीत प्रकार के आवश चालक से बाहर निकलकर बेल्ट पर के आवेश को उदासीन बना देते हैं। इसके लिए बेल्ट को विद्युतरोधी पदार्थ का बना होना आवश्यक है, नहीं तो यह क्रिया संभव नहीं होगा।

 

 

13. विद्युत मशीनों में कहीं तीखा कोर या नोक नहीं छोड़ा जाता है, क्यों ?

उत्तर-किसी चालक के नुकीले भाग की वक्रता त्रिज्या काफी होती है। उस भाग के नजदीक विद्युत तीव्रता काफी अधिक हो जाती है। इस स्थिति में हवा का विद्युतरोध भंग हो जाएगा। चालक के नोंक से आवेश निकलकर हवा में प्रवाहित होने लगते हैं और तब आवेशित हवा के कण हटते जाते हैं और आवेश लगातार बाहर निकलते जाते हैं। इससे चालक पर आवेश घटता है और चालक अनावेशित हो जाती है

 

14. किसी चालक का तल समविभवी होता है, क्यों ?

उत्तर-किसी चालक का तल सम विभवी होता है क्योंकि उसके किसी बिंदु पर यदि विभव अधिक होता तो आवेश कम विभव वाले बिदु की ओर प्रवाहित होकर विभव को बराबर कर देता। किसी बंद खोखले आवेशित चालक के भीतर सभी स्थान पर विभव बराबर होता है और चालक के तल के विभव के बराबर होता है क्योकि चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है।

 

 

15. किसी संधारित्र में दूसरे चालक प्लेट की क्या भूमिका है ?

उत्तर-जब दो आवेशित चालक प्लेटों को एक-दूसरे के नजदीक लाया जाता है तो इनके विभव में कमी आती है, जिसके कारण इनकी धारिता बढ़ जाती है। यही कारण है कि दूसरे प्लेट को पहले प्लेट के निकट लाने से धारिता बढ़ जाती है।

 

16. स्थिर वैद्युत परिरक्षण क्या है? इसके जीवनोपयोगी उपयोग लिखें।

उत्तर- स्थिर वैद्युत परिरक्षण आकाश के एक निश्चित क्षेत्र को बाह्य क्षेत्र से सुरक्षित रखने की घटना को ही स्थिर वैद्युत परिरक्षण कहा जाता है।

उपयोग : बरसात में तूफान के समय जब आकाशीय बिजली का प्रकोप होता है तो उस समय खुले मैदान की अपेक्षा कार या बस के अंदर रहना अधिक सुरक्षित रहता है। कार या बस का आवरण वैद्युत परिरक्षण प्रदान करता है।

 

 

17. कूलम्ब के नियम का महत्व बताइए ।

उत्तर-कूलम्ब का नियम बहुत बड़ी दूरियों से लेकर बहुत छोटी दूरियों (नाभिकीय दूरी से ज्यादा) के लिए सत्य है। इस नियम से उन बलो की भी व्याख्या करने में सहायता मिलती है जिनके कारण :

(i) किसी परमाणु के इलेक्ट्रॉन उसके नाभिक के साथ बाँधकर परमाणु की रचना करते हैं।

(ii) दो या दो अधिक परमाणु परस्पर संयुक्त होरक एक अणु की रचना करते है।

 

18. जब किसी परावैद्युत प्लेट को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखते है तो परावैद्युत प्लेट के अंदर विद्युत क्षेत्र कम क्यों हो जाता है ?

उत्तर-परावैद्युत गुटके को बाहरी विद्युत क्षेत्र में रखने पर इसके अणुओं का धूवण हो जाता है; फलस्वरुप इसके अंदर बाहरी क्षेत्र हो जाता है। इसलिए बाहरी क्षेत्र में रखने पर परावैद्युत प्लेट के अंदर विद्युत क्षेत्र घट जाता है।

 

19. एक आवेशित संधारित्र और सेल में क्या अंतर है ?

उत्तर-आवेशित संधारित्र में संचित ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा प्रदान करता है जबकि विद्युत सेल नियत विभवांतर पर रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।

 

 

20. चालक की धारिता से आप क्या समझते है 

उत्तर चालक की विद्युत-धारिता किसी चालक की विद्युत-धारिता या धारिता संख्यात्मक रूप से उस आवेश के बराबर होती है जो उसका विभव एकांक से बढ़ा दें।

किसी चालक की विद्युत-धारिता से उस चालक द्वारा आवेश संचित करने की क्षमता व्यक्त होती है। विद्युत-धारिता का S.I. मात्रक फैराड (F) है।

 

21. विद्युत अनुनाद को समझाएँ ।

उत्तर विद्युत अनुनाद (Electrical Resonance) किसी निश्चित आवृत्ति पर धारा-आयाम के महत्तम होने की घटना को अनुनाद कहा जाता है। अनुनाद की स्थिति में परिपथ की प्रतिबाधा मूलतः उसके प्रतिरोध के बराबर होती है।

 

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