Class 10th Science Vvi Subjective Question 2027
| Subject | Science |
| 10th Exam | Annual 2027 |
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1. अवतल दर्पण के कोई तीन उपयोग लिखें।
उत्तर-अवतल दर्पण के उपयोग :
(i) हजामत बनाने में बड़े-बड़े सैलूनों में अवतल दर्पण का उपयोग होता है।
(ii) अवतल दर्पण के उपयोग से डॉक्टर आँख, नाक तथा गले का निरीक्षण करते हैं।
(iii) मोटरगाड़ी के अग्रदीपों में परावर्तक सतह के रूप
में।
2. अवतल दर्पण का उपयोग सोलर कुकर में क्यों किया जाता है?VVI
उतर- जब प्रकाश की किरणों को प्रधान अक्ष के समानांतर भेजा जाता है तो परावर्तन के बाद फोकस पर जमा हो जाती है इस गुण के कारण ही अवतल दर्पण का उपयोग सोलर कुकर में किया जाता है।
3. गाड़ियों के हेड लाइट में अवतल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?VVI
उतर- जब प्रकाश की किरण को फोकस से भेजा जाता है। तो वह प्रधान अक्स के समानांतर हो जाती है इस गुण के कारण अवतल दर्पण का उपयोग गाड़ियों के हेडलाइट में किया जाता है।
4. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दें।
उत्तर—वह प्रक्रिया जिसमें कोई अम्ल किसी भस्म के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है, उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
– उदाहरण—अम्ल + भस्म →लवण + जल
HCl + NaOH → NaCl + H2O
5.श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं
उत्तर_श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा (गर्मी) उत्पन्न होती है। जब हम सांस लेते हैं, तो ग्लूकोज ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाता है, और इस प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है, जो एटीपी (ATP) के रूप में जमा होती है, जिसे शरीर विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग करता है.
6.विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है
उत्तर_
निष्क्रिय गैस भरने से इसका टंगस्टन तंतु नहीं जलता है नाइट्रोजन आर्गन इत्यादि निष्क्रिय गैस हैं निष्क्रिय गैस में तंतु वाष्पीकरण नहीं हो पाता है इसलिए विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस भरी जाती है
7.वियोजन अभिक्रिया किसे कहते हैं
उत्तर_वैसे रासायनिक अभिक्रिया जिसमे एक अभिकारक टूट कर दो या दो से अधिक उत्पाद में बदल जाता है उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं
8.नेत्र की समंजन क्षमता से क्या अभिप्राय है?
उत्तर-नेत्र लेंस की वह क्षमता जिसके कारण वह अपनी फोकस दूरी को समायोजित कर लेता है, समंजन क्षमता कहलाती है। इसी के कारण नेत्र अल्पतम दूरी और दूर-बिंदु को नियोजित कर पाता है। सामान्य अवस्था में नेत्र की समंजन क्षमता 4 डायोप्टर होती है।
9.तारे क्यों टिमटिमाते हैं?
उत्तर- हवा की विभिन्न परतों में तापमान अलग-अलग होता है। इस कारण उसका धनत्व भी कम होता है। इसलिए तारों से आता प्रकाश इन वायु परतों में विभिन्न मात्रा में आवर्तित होता रहता है। अतः इस कारण तारे हमारे नेत्रों में टिमटिमाते प्रतीत होते हैं।
10. सोडियम को किरोसीन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर— अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण सोडियम धातु खुला रखने पर साधारण ताप पर ही ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर जलने लगती है। अतः यह जल न जाए इससे बचने के लिए इसे किरोसीन तेल में डुबाकर रखा जाता है।
11. किसी अंतरिक्ष यात्री को आकाश नीले की अपेक्षा काला क्यों प्रतीत होता है?
उत्तर-अंतरिक्ष यात्री वायुमंडल के ऊपरी सतह पर गतिशील रहता है। इस ऊँचाई पर वायु के कण की अनुपस्थिति रहती है। सूर्य से निकलने वाले प्रकाश (नीला वर्ण) का प्रकीर्णन नहीं हो पाता है। इससे आकाश नीला नहीं दिखता है बल्कि अंतरिक्ष यात्री इसे काला देखता है।
12. सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों प्रतीत होता है?
उत्तर-सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य हमसे काफी दूर रहता है। इससे आने वाला प्रकाश वायुमंडल के मोटी परत से होकर दर्शक के नेत्र तक पहुँचता है। इसके रास्ते में पड़ने वाले वायुकणों से सूर्य प्रकाश के पथ के लम्बवत् नीले किरणों का अधिकतम भाग प्रकीर्णित हो जाता है और दर्शक को प्राप्त किरणों में से नीला रंग गायब रहता है। अतः दूर से आने वाले प्रकाश नीले रंग के गायब होने के कारण लाल दीखता है। अतः सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य लाल दीखता है।
13. रेलवे सिग्नल में लाल रंग का प्रयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर-लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सब रंगों से अधिक होता है। अतः लाल रंग के प्रकाश का विचलन सबसे कम होता है। यही कारण है कि रेलवे सिग्नल का प्रकाश लाल रंग का होता है।
14. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में एक चालक लूप को घूर्णित करने पर किस प्रकार की धारा चलेगी?
उत्तर- जब एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में एक चालक लूप को धूर्णित करने पर, उसमें प्रत्यावर्ती धारा उत्पन्न होती है।
15. फ्लेमिंग के दाएँ हाथ का नियम लिखें।
उत्तर- “अपनी दाहिने हाथ की तर्जनी मध्यमा तथा अंगूठे को इस प्रकार फैलाइए कि ये तीनों एक दूसरे के परस्पर लम्बवत् हो। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा की ओर संकेत करती है तथा अंगूठा चालक की गति की दिशा के ओर संकेत करता है तो मध्यमा चालक में प्रेरित विद्युत धारा की दिशा दर्शाती है।”
16. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव से संबंधित ‘दक्षिण हस्त-अंगूठा’ के नियम को लिखें।
उत्तर-दक्षिण-हस्त अंगूठा का नियम- जब दाहिने हाथ तर्जनी अंगुली मध्यमिका अंगुली और अंगूठा इस प्रकार फैलाकर रखा जाता है कि तीन अंगुलियाँ एक दूसरे के साथ लम्बवत् हो, अगर तर्जनी अंगुली चुंबकीय बल की दिशा की ओर, अंगूठा चुंबक की गति की दिशा की ओर इंगित करे तो मध्यमिका अंगुली प्रेरित धारा की दिशा को इंगित करेगा।
17. ‘लघुपथन’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर-कभी-कभी विद्युत परिपथ में गर्म तार और ठंढे तार आपस में सट जाते हैं। जिससे परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है तथा परिपथ में विद्युत धारा की प्रबलता काफी बढ़ जाती है। परिणाम यह होता है कि परिपथ से जुड़े उपकरण काफी गर्म होकर नष्ट हो जाते हैं। परिपथ में इस प्रकार की घटना को लघुपथन कहते हैं।
18. विद्युत परिपथ में फ्यूज तार क्यों लगाए जाते हैं?
उत्तर- घर में लगे साधित्रों की सुरक्षा के लिए फ्यूज तार लगाया जाता है। यह उच्च विद्युत धारा के कारण तार गल कर परिपथ को भंग करता है और साधित्रों (रेडियो, टीवी, बल्ब आदि) को जलने से बचाता है।
19. विद्युत फ्यूज क्या है, यह किस मिश्र धातु का बना होता है?
उत्तर – विद्युत परिपथों के लिए फ्यूज तार का उपयोग होता है। यह अतिभारण अथवा लघुपथन के कारण उत्पन्न उच्च विद्युत धारा के बहने पर यह गल जाता है तथा सुरक्षा प्रदान करता है। फ्यूज तार ताँबे तथा टिन के मिश्रधातु से बना होता है।
20.हरे पौधों को उत्पादक क्यों कहते हैं
पौधे कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल सूर्य प्रकाश तथा हरित लवक की सहायता से अपने तथा जीव जगत के दूसरों जीवो के लिए भोज पदार्थ का निर्माण करते हैं इसलिए उन्हें उत्पादक कहा जाता है
21. पित्त क्या है? मानव के पाचन में इसका क्या महत्त्व है?
उत्तर-पित्त यकृत ग्रंथि से स्स्रावित होने वाला (श्राव) द्रव्य है जो छोटी आँत में भोजन के पाचन में मदद करता है।
मनुष्य के पाचन क्रिया में इसका निम्नलिखित महत्त्व है-
(i) पित्त आमाशय से ग्रहणी में आए अम्लीय काइम की अम्लीयता को नष्ट कर उसे क्षारीय बना देता है ताकि अग्न्याशयी रस के एंजाइम उस पर क्रिया कर सके।
(ii) पित्त भोजन में वसा के बड़े कण को सूक्ष्म कण में तोड़ने में (emulsification) मदद करता है, ताकि लाइपेज एंजाइम उस पर क्रिया कर वसा अम्ल एवं ग्लिसरॉल में परिवर्तित कर सके। इस प्रकार वसा के पाचन में पित्त का महत्त्व है।
22. मुतजीवी पोषण क्या है? उदाहरण सहित उत्तर दें।
उत्तर-जीव मृत जंतुओं और पौधों के शरीर से अपना भोजन, अपने शरीर की सतह से, घुलित कार्बनिक पदार्थों के रूप में अवशोषित करते है, इस प्रकार के पोषण. को मृतजीवी पोषण कहते है। उदाहरण- कवक, बैक्टीरिया तथा कुछ प्रोटोजोआ।
23. जीवों के लिए पोषण अनिवार्य है। क्यों?
उत्तर-जीवन की उपापचयी क्रियाओं के संचालन के लिए निरंतर ऊर्जा की आपूर्ति तथा शरीर की वृद्धि तथा टूटे-फूटे ऊतको की मरम्मत के लिए जीव को भोजन की आवश्यकता होती है। भोजन में स्थित विभिन्न पोषक तत्व ये कार्य करते हैं।
24. दीर्घरोम क्या है? इसका कार्य लिखें।
उत्तर- छोटी आँत की आंतरिक भित्ति पर अंगुली जैसी संरचना पाई जाती है, जिसे दीर्घरोम कहते हैं। इसका मुख्य कार्य भोजन का अवशोषण करना है।
इसमें रुधिर वाहिकाओं की अधिकता होती है जो भोजन को अवशोषित करके शरीर की प्रत्येक कोशिका तक पहुँचाते हैं।
25. मछली, मच्छर, केंचुआ और मनुष्य के मुख्य श्वसन अंगों के नाम लिखें।
उत्तर-मछली में मुख्य श्वसन अंग क्लोम (Gill) होता है। मच्छर में मुख्य श्वसन अंग श्वासनली या ट्रैकिया है, केंचुआ में मुख्य श्वसन अंग त्वचा है, जबकि मनुष्य में फेफड़ा
26. श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्राप्त करने की दिशा में एक जलीय जीव की अपेक्षा स्थलीय जीव किस प्रकार लाभप्रद होते हैं?
उत्तर-जल में ऑक्सीजन काफी कम घुलित होते हैं, जबकि अधिक जैव ऊर्जा के उत्पादन के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। जलीय जीव (मछलियाँ) सर्वप्रथम मुख के द्वारा घुलित ऑक्सीजन को लेती हैं, तथा विसरण के द्वारा क्लोम की कोशिकाओं में अवशोषित कर लेती हैं। जबकि स्थलीय जीव फेफड़ा के द्वारा आसानी से ऑक्सीजन ले पाते हैं।
27. पौधों में गैसों का आदान-प्रदान कैसे होता है?
उत्तर -पौधों में गैसों का आदान-प्रदान विसरण की क्रिया के द्वारा पौधों की पत्तियों पर स्थित रंध्रों (stomata) पुराने वृक्षों के तनों की कड़ी त्वचा (bark) पर स्थित वातरंध्रों (lenticels) एवं अंतरकोशिकीय स्थानों (intercellular spaces) के द्वारा होती है। इस क्रिया में पौधों की आवश्यकताओं एवं पर्यावरणीय अवस्था का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है।
28. रक्त एवं लसीका में अंतर बतायें।
उत्तर-रक्त रक्त एक प्रकार का तरल संयोजी ऊतक है जिसके मुख्य घटक प्लाज्मा, लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ एवं रक्त पट्टिकाणु है।
लसिका- लसिका स्वेत संवहनी संयोजी ऊतक है। ऊतक कोशिकाओं के बीच स्थित श्वेत रक्त कोशिकाओं सहित रुधिर प्लाज्मा को लसीका कहते हैं। इसमें लाल रक्त कोशिकाएँ नहीं पाई जाती हैं।
29.पौधे में जलन खनिज लवणों के सवहन के लिए कौन सा उत्तक उत्तरदाई होते हैं अथवा पौधों में जल का परिवहन किस उत्तक से होता है
उत्तर _पौधों में जाइलम से जल फ्लोयम से खनिज लवणों का सवहन होता है परसनी दाब का सहवन में महत्वपूर्ण होती है काफी ऊंचे पौधे में रसारोहण प्रक्रम द्वारा जल का परिवहन होता है
