2 July Class 10th Science Question Paper Quarterly Exam 2026

2 July Class 10th Science Question Paper Quarterly Exam 2026

Subject  Science 
Exam Date  2.7.2026
10th Exam  त्रैमासिक परीक्षा 
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बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षाएं वर्ष 2026 के लिए बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही हैं यह परीक्षा 1 जुलाई से 3 जुलाई के बीच आयोजित होगी 

 

परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।

उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।

प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।

शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है

 

परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप इन रणनीतियों का पालन कर सकते हैं:

 

बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।

प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।

 

 

कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।

 

 

10th Quarterly Exam 2026 Syllabus

कक्षा 10th के त्रैमासिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में जून माह तक पढ़ाए गए पाठ से प्रश्न आएगा 

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 10वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का लगभग 25-30% होता है। त्रैमासिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती 3 से 4 अध्याय ही शामिल होते हैं

 

जैसे कि (Science) में 

विज्ञान (Science):भौतिकी (Physics): प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन, मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार।रसायन 

(Chemistry): रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण, अम्ल, क्षारक एवं लवण।

जीव विज्ञान (Biology): जैव प्रक्रम, नियंत्रण एवं समन्वय।

 

 

इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?

यह विद्यालय के स्तर पर आयोजित होने वाली त्रैमासिक जांच परीक्षा है। इसलिए इस परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है इस परीक्षा में फेल करने पर आगे की परीक्षा में अनुमति नहीं मिलेगी और इसका अंक annual एग्जाम 2027 में नहीं जोड़े जाएंगे।

 

 त्रैमासिक परीक्षा Exam 2026-EXAM CENTER

इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।

 

 

Admit Card Quarterly Exam 2026

इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा 

 

त्रैमासिक परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा ?

बोर्ड ने साफ सुथरे शब्दों में सभी विद्यालय को निर्देश दिया हैं, यदि कोई छात्र/छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे तो उनको किसी भी परिस्थिति में फाइनल परीक्षा में भाग नहीं ले सकते हैं 

 

क्या त्रैमासिक परीक्षा के कॉपी Check होता हैं?

जी हां, जब आपकी परीक्षा सम्पन्न हो जाती हैं, तब आपके कॉपी को आपके विद्यालय/कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा चेक की जाती हैं। तथा इसका फाइनल रिजल्ट बोर्ड ऑफिस को भेजा भी जाता हैं।

 

 

त्रैमासिक परीक्षा का महत्व

यदि आप भी कक्षा 10वी की त्रैमासिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है त्रैमासिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए त्रैमासिक परीक्षा लिया जाता है 

Class 10th Science Objective Answer Key 

1.A 16.B 31.C 46.B
2.B 17.A 32.A 47.B
3.D 18.A 33.C 48.D
4.C 19.D 34.C 49.C
5.B 20.B 35.B 50.B
6.D 21.A 36.A 51.
7.A 22.A 37.D 52.
8.B 23.D 38.C 53.
9.A 24.C 39.C 54.
10.B 25.B 40.B 55.
11.A 26.D 41.A 56.
12.B 27.B 42.A 57.
13.D 28.B 43.B 58.
14.C 29.C 44.C 59.
15.A 30.B 45.C 60.

Subjective Question PDF 

Q. प्रकाश का अपवर्तन क्या है? इसके नियम लिखें।

उत्तर: जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करती है, तो वह अपने मूल पथ से विचलित (मुड़) हो जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) कहते हैं

 

अपवर्तन के दो नियम हैं:

1. प्रथम नियमः आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब, तीनों एक ही समतल में होते हैं।

 

2. द्वितीय नियम (स्नेल का नियम):

किन्हीं दो माध्यमों और प्रकाश के किसी विशेष रंग के लिए, आपतन कोण की ज्या (sini) और अपवर्तन कोण की ज्या (sinr) का अनुपात एक नियतांक होता है।

 

Q.गोलीय दर्पण के मुख्य फोकस को परिभाषित करें?

उत्तरः गोलीय दर्पण के मुख्य अक्ष के समांतर आ रही प्रकाश की किरणें, दर्पण से परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष के जिस बिंदु पर मिलती हैं (अवतल दर्पण में) या मिलती हुई प्रतीत होती हैं (उत्तल दर्पण में), उस बिंदु को दर्पण का मुख्य फोकस (F) कहते हैं।

 

Q.अवतल और उत्तल दर्पण के तीन उपयोग लिखें।

उत्तरः

अवतल दर्पण (Concave Mirror) के तीन उपयोगः

हजामती दर्पण के रूप में: दाढ़ी बनाते समय

चेहरे का बड़ा और सीधा प्रतिबिंब देखने के लिए।

डॉक्टरों द्वाराः आँख, कान, नाक और गले की जाँच के लिए प्रकाश को केंद्रित करने में।

सौर भट्टियों मेंः सूर्य के प्रकाश को एक जगह केंद्रित करके ऊष्मा पैदा करने के लिए।

 

उत्तल दर्पण (Convex Mirror) के तीन उपयोगः

वाहनों के साइड मिरर (Side Mirror) के रूप में: पीछे से आ रहे वाहनों को देखने के लिए क्योंकि यह सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।

सड़क के स्ट्रीट लाइट में: प्रकाश को बड़े क्षेत्र में

फैलाने (अपसरित करने) के लिए।

सुरक्षा दर्पण (Security Mirrors) के रूप में: दुकानों और एटीएम में बड़े क्षेत्र पर नज़र रखने के लिए।

 

Q.गोलीय दर्पण का मुख्य अक्ष क्या है?

उत्तरः गोलीय दर्पण के ध्रुव (P) और उसकी वक्रता केंद्र (C) से होकर गुजरने वाली सीधी काल्पनिक रेखा को दर्पण का मुख्य अक्ष (Principal Axis) कहते हैं।

 

Q.समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की तीन विशेषताएँ।

उत्तरः

प्रतिबिंब हमेशा आभासी (काल्पनिक) और सीधा होता है। प्रतिबिंब का आकार (साइज) हमेशा वस्तु के आकार के बराबर होता है।

प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने रखी होती है।

 

Q.रासायनिक समीकरणों के फायदे।

उत्तरः रासायनिक समीकरण लिखने के मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं:

इससे समय और कागज की बचत होती है क्योंकि अभिक्रिया को लंबे वाक्यों के बजाय संक्षिप्त रूप में लिखा जाता है।

पूरी दुनिया में रसायनों के संकेत समान होने के कारण वैज्ञानिकों को इसे समझने में आसानी होती है (यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य है)।

इसकी सहायता से अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमान की गणना (गणनाएं) करना आसान हो जाता है।

 

Q मृतजीवी पोषण किसे कहते हैं?

उत्तर: पोषण की वैसी विधि जिसमें जीव अपना भोजन सड़े-गले पौधों, मृत जंतुओं और अन्य कार्बनिक पदार्थों से तरल रूप में अवशोषित करते हैं, उसे मृतजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition) कहते हैं। ऐसे जीवों को मृतजीवी कहा जाता है।

उदाहरण: कवक (Fungi), बैक्टीरिया, मशरूम आदि।

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