1 July Class 12th Physics Question Paper Quarterly Exam 2026

1 July Class 12th Physics Question Paper Quarterly Exam 2026

Subject Physics 
Exam Date  1.7.2026
12th Exam  त्रैमासिक परीक्षा 
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बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 12वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षाएं वर्ष 2026 के लिए बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही हैं यह परीक्षा 1 जुलाई से 8 जुलाई के बीच आयोजित होगी 

 

परीक्षा का मोड (Exam Mode): यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में आपके अपने स्कूल/कॉलेज में आयोजित होती है।

उद्देश्य: छात्रों को बोर्ड परीक्षा (वार्षिक) के पैटर्न से परिचित कराना और उनकी निरंतर तैयारी जांचना।

 

प्रश्न पत्र (Question Paper): बिहार बोर्ड (BSEB) द्वारा सभी सरकारी और संबद्ध स्कूलों में एक समान प्रश्न पत्र भेजा जाता है।

शिफ्ट और समय: यह परीक्षा दो पालियों (First and Second Shift) में होती है, जो बिहार बोर्ड के मानक समय के अनुसार सुबह और दोपहर में संचालित होती है

 

परीक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

इस परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए आप इन रणनीतियों का पालन कर सकते हैं:

 

बोर्ड सिलेबस पर फोकस: बिहार बोर्ड द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढ़ाई करें।

प्रीवियस ईयर प्रश्न-पत्र: पिछले वर्षों के त्रैमासिक और मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें।

उत्तर लेखन का अभ्यास: हिंदी जैसे भाषा विषयों में अच्छे अंक के लिए उत्तर लिखते समय शब्द सीमा और स्पष्टता का विशेष ध्यान रखें।

 

कॉन्सेप्ट क्लीयरेंस: रटने के बजाय टॉपिक्स को गहराई से समझें ताकि किसी भी प्रकार के प्रश्न पूछे जाने पर आप आसानी से उत्तर दे सकें।

 

 Quarterly Exam 2026 Syllabus

कक्षा 12th के त्रैमासिक परीक्षा 2026 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में जून माह तक पढ़ाए गए पाठ से प्रश्न आएगा 

बिहार बोर्ड (BSEB) कक्षा 12वीं की त्रैमासिक (Quarterly) परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम हर विषय की कुल इकाई (unit) का लगभग 25-30% होता है। त्रैमासिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूल स्तर पर किया जाता है, जिसमें आमतौर पर शुरुआती 3 से 4 अध्याय ही शामिल होते हैं

 

जैसे कि (Physics) में 

भौतिकी (Physics): स्थिर वैद्युत (Electrostatics), विद्युत धारा (Current Electricity), तथा विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव और चुंबकत्व।

 

 

इस परीक्षा में फेल करने पर क्या होगा ?

यह विद्यालय के स्तर पर आयोजित होने वाली त्रैमासिक जांच परीक्षा है। इसलिए इस परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है और इसका अंक annual एग्जाम 2027 में नहीं जोड़े जाएंगे।

 

 त्रैमासिक परीक्षा Exam 2026-EXAM CENTER

इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना होगा ।

 

 

Admit Card Quarterly Exam 2026

इस परीक्षा के लिए बिहार बोर्ड के तरफ से कोई भी ऑफिशियल एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन आपके स्कूलों कॉलेज के अस्तर पर होगा 

 

त्रैमासिक परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा ?

बोर्ड ने साफ सुथरे शब्दों में सभी विद्यालय को निर्देश दिया हैं, यदि कोई छात्र/छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे तो उनको किसी भी परिस्थिति में फाइनल परीक्षा में भाग नहीं ले सकते हैं 

 

त्रैमासिक परीक्षा का महत्व

यदि आप भी कक्षा 12वीं की त्रैमासिक परीक्षा देने जा रहे हैं या देने वाले हैं तो आप सभी को इस परीक्षा में भाग लेना अति आवश्यक है त्रैमासिक परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की आगे की कक्षा में प्रवेश करने से पहले उसकी तैयारी को जांच किया जाए और तैयारी को बेहतर किया जाए ताकि वह आगे परीक्षा में किसी भी प्रकार में उनको दिक्कत ना हो और उनको जो भी कमजोरी है वह उसको सुधार सके इसलिए त्रैमासिक परीक्षा लिया जाता है 

 Physics Objective Answer Key 

1.A 16.A 31.B 46.
2.C

17.B

32.C 47.
3.B 18.A 33.D 48.
4.C 19.B 34.C 49.
5.B 20.A 35.A 50.
6.A 21.C 36.A 51.
7.C 22.A 37.D 52.
8.A 23.D 38.C 53.
9.D 24.B 39.D 54.
10.A 25.D 40.B 55.
11.C 26.A 41.C 56.
12.D 27.C 42. 57.
13.D 28.B 43. 58.
14.B 29.A 44. 59.
15.C 30.C 45. 60.

Download Subjective Question PDF 

Q.विद्युत क्षेत्र रेखाओं की दो विशेषताएँ

Ans.ये रेखाएँ हमेशा धनावेश (Positive charge) से शुरू होकर ऋणावेश (Negative charge) पर समाप्त होती हैं।

दो विद्युत क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटतीं, क्योंकि कटाव बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दो दिशाएँ संभव नहीं हैं।

 

Q.विद्युत स्थितिज ऊर्जा (Electrostatic Potential Energy)

Ans.आवेशों के किसी निकाय (system) को अनंत से उनकी वर्तमान स्थितियों तक लाकर व्यवस्थित करने में किए गए कुल कार्य को उस निकाय की विद्युत स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। यह ऊर्जा निकाय के विन्यास (configuration) पर निर्भर करती है।

 

Q. समानांतर पट्टिका संधारित्र में दूसरी प्लेट की भूमिका

Ans.समानांतर पट्टिका संधारित्र (parallel plate capacitor) में दूसरी प्लेट की मुख्य भूमिका पहली प्लेट के विद्युत विभव (electric potential) को कम करना है। जब दूसरी प्लेट को पहली प्लेट के पास रखा जाता है (और इसे भू-संपर्कित किया जाता है), तो यह पहली प्लेट के विभव को घटा देती है।

विभव कम होने के कारण, संधारित्र की धारिता (capacitance) बढ़ जाती है, जिससे वह अधिक आवेश संचित कर पाता है।

 

Q.. समविभवी पृष्ठ (Equipotential Surface)

Ans.किसी विद्युत क्षेत्र में स्थित वह पृष्ठ जिसके प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव का मान समान होता है, उसे ‘समविभवी पृष्ठ’ कहते हैं।

इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इस पृष्ठ पर किसी परीक्षण आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किया गया कार्य शून्य होता है।

 

Q.. बंधित आवेश और मुक्त आवेश में अंतर

मुक्त आवेश (Free Charge): ये वे

आवेशित कण (जैसे धातुओं में इलेक्ट्रॉन) होते हैं जो पदार्थ के भीतर स्वतंत्र रूप से गति कर सकते हैं।

बंधित आवेश (Bound Charge): ये

आवेश परमाणु या अणु के साथ मजबूती से बंधे होते हैं और बाहरी विद्युत क्षेत्र लगाने पर भी स्वतंत्र रूप से गति नहीं कर सकते (जैसे परावैद्युत या इंसुलेटर में)

 

 

Q.संधारित्र से क्या समझते हैं ? इसकी धारिता को भी बतावें । अथवा, संधारित्र की धारिता से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर-संधारित्र-वैसी व्यवस्था जिसमे एक विद्युतरोधी आवेशित चालक के निकट एक भूधृत चालक लाने से, पहले वाले चालक की धारिता कृत्रिम रूप से बढ़ जाती है, संधारित्र कहते हैं।

 

संधारित्र की धारिता-किसी संधारित्र की विद्युत धारिता संख्यात्मक रूप से उस आवेश का वह परिमाण है, जिसे संधारित्र के दोनों प्लेटों के बीच एकांक विभवांतर उत्पन्न होता है। यदि संधारित्र की संग्राहक प्लेट पर ‘Q’ आवेश देने पर दोनों प्लेटों के बीच V विभवांतर उत्पन्न हो जाता है तो संधारित्र की धारिता

C=Q/V

 

Q.धारा घनत्व से क्या समझते हैं ?

उत्तर-किसी चालक के प्रति एकांक क्षेत्रफल से प्रवाहित विद्युत धारा के परिमाण को धारा घनत्व कहा जाता है। इसे ‘J’ द्वारा सूचित किया जाता है।

अतः धारा घनत्व (J) = I/A धारा घनत्व एक सदिश राशि है जिसकी दिशा हमेशा विद्युत धारा की दिशा की ओर होता है।

धारा घनत्व का SI मात्रक A/m² होता है।

 

Q.प्राथमिक सेल से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर- प्राथमिक सेल में पदार्थ की रासायनिक क्रियाशीलता के बल पर विद्युत ऊर्जा प्राप्त की जाती है। जब तक पदार्थ की क्रियाशीलता कायम रहती है, तब तक सेल कार्य करता रहता है। ऊर्जा की आपूर्ति के कारण जिस रासायनिक पदार्थ की खपत हो जाती है, उसे पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता है । लेक्लांशे सेल और गैल्वेनी/वोल्टेइक सेल आदि प्राथमिक सेल हैं।

 

 

Q.कार्बन प्रतिरोध के कलर कोड से आप क्या समझते हैं?

अर्थः इलेक्ट्रॉनिक परिपथों में उपयोग होने वाले उच्च मान के कार्बन प्रतिरोधक बहुत छोटे होते हैं, जिन पर उनका मान अंकों में लिखना कठिन होता है। इसलिए उनकी सतह पर अलग-अलग रंगों की पट्टियाँ (bands) बनाई जाती हैं।

 

उपयोगः इन रंगों के निश्चित कोड (मान) को देखकर प्रतिरोधक का कुल प्रतिरोध (2 में) और उसकी त्रुटि-सीमा (tolerance %) आसानी से ज्ञात की जा सकती है। इसे ही कार्बन प्रतिरोध का कलर कोड कहते हैं।

 

Q.धातुओं के ‘मुक्त इलेक्ट्रॉन’ से आप क्या समझते हैं?

परिभाषाः धातुओं के परमाणुओं की सबसे बाहरी कक्षा (valence shell) में उपस्थित वे इलेक्ट्रॉन जो नाभिक से बहुत कमजोर आकर्षण बल द्वारा बंधे होते हैं, मुक्त इलेक्ट्रॉन कहलाते हैं।

 

कार्यः ये इलेक्ट्रॉन कमरे के तापमान पर ही अपने परमाणु से अलग होकर पूरी धातु के भीतर स्वतंत्र रूप से गति करने के लिए मुक्त हो जाते हैं। इन्हीं के कारण धातुओं में विद्युत धारा का प्रवाह होता है

 

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